कुछ दिन तो गुजारिए सासाराम की इन हसीं वादियों में………

कही-सुनी

इन तस्वीरों के बारे में जानने के बाद आपको हैरत होगा कि ये दृश्य दूर दराज के किसी हिल स्टेशन की नहीं बल्कि अपने बिहार के हीं एक शहर सासाराम के पास स्थित कैमूर की पहाड़ियों पर स्थित जल प्रपातों की है.

सासाराम बिहार के रोहतास जिले का मुख्यालय होने के साथ हीं राज्य के प्राचीनतम और ऐतिहासिक शहरों में से एक है. यूं तो इसकी पहचान शेरशाह सूरी के नाम से है पर प्रकृति ने जिन उपहारों से इस इलाके को नवाजा है, वह अपने आप में अद्वितीय है.

सासाराम शहर से महज तीन किलोमीटर की दूरी पर प्रसिद्ध शक्तिपीठ ताराचंडी धाम के पास से हीं आपको कुदरत के नजारे दिखने शुरु हो जाते हैं. विशालकाय कैमूर पर्वत माला के इस हिस्से को देखते हीं आभास होने लगता है कि प्रकृति अपनी बाहें फैलाए हमे अपने पास बुला रही है.

Kaimur Hills भारत की विंध्य पर्वत श्रेणी का पूर्वी हिस्सा है जो मध्य प्रदेश के जबलपुर से शुरु होकर सर्वोत्तर श्रेणी के तौर पर रोहतास जिले तक चली जाती है.

वहीं से ये सुरम्य और रमणीक दृश्य दिखने शुरु हो जाते हैं. अगर आपको प्रकृति से प्यार है तो इन पहाड़ियों पर पैदल विचरण करें. पूरे रास्ते आपको कुदरत के एक से बढ़ कर एक नजारे और छोटे छोटे झरने मिल जाएंगें. वैसे तो आपको सन्नाटा मिलेगा पर बीच रास्ते में चरते मवेशी और चरवाहे दिख जाएंगें. जंगली जानवरों का कोई खतरा नहीं है.

बारिश का मौसम शुरु होते हीं या कहें कि प्री माॅनसून की बारिश होते हीं यहां स्थानीय सैलानियों और प्रकृति प्रेमियों का आना जाना शुरु हो जाता है. खास कर रविवार और छुट्टी के दिन यहां अच्छी खासी संख्या में लोग जुटते हैं और पिकनिक करते हैं. दिन भर के प्रवास में झरनों में नहाना, भोजन बनाना और खाना लगा रहता है.

यहां करीब आधा दर्जन जल प्रपात है जिन्हें स्थानीय लोग अलग अलग नामों से जानते हैं. इनके नाम हैं मांझरकुण्ड, सीता कुण्ड, धुआं कुण्ड, हनुमान धारा, भूतैय्या, बूढ़न, लोहा के पुल, छेरियाही आदि. पर सबसे लोकप्रिय और विशाल जल प्रपात है मांझरकुण्ड . इन विशाल झरनों की खुबसूरती का अंदाजा आप तस्वीरों से हीं लगा सकते हैं, जो प्रकृति प्रेमियों को बरबस अपनी ओर खींच लेती है. यकीन मानिए, जैसे हीं आप झरनों में जाएंगें, मस्ती और रोमांच से भर जाएंगें. अगर आप एडवेंचर के शौकीन हैं तो यहां रात भी गुजार सकते हैं.


छुट्टियों में आप घूमने तो देश के कई हिस्सों में गए होंगें. हमारी मानिए तो एक बार सासाराम का भी रुख किजिए और आनंद लिजिए इस अद्भुत और अद्वितीय प्राकृतिक स्थल का. यहां की हरियाली, मनमोहक नजारे और वन्य जीवन को देखकर आप सहसा कह उठेंगें कि प्रकृति की मोहकता में सभी पीड़ा लुप्त हो जाती है.

कैसे जाएं सासाराम
सासाराम जाने के लिए देश के हर प्रमुख शहर से सीधी ट्रेन सेवा उपलब्ध है. दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, अहमदाबाद, कोलकाता, पटना, रांची, वाराणसी, अमृतसर, लुधियाना, जालंधर, जम्मू जैसे इलाकों से सासाराम के लिए सीधी ट्रेन सेवा है. सड़क मार्ग की बात करें तो सासाराम Grand Trunk Road के किनारे बसा हुआ है जो पूर्व में कोलकाता और पश्चिम में वाराणसी के बीच पड़ता है. बिहार की राजधानी Patna से महज चार घंटे में सासाराम पहुंच सकते हैं. यहां जाने के लिए पक्की सड़क नहीं है. करीब 8 किलोमीटर का फासला आपको पथरीली सड़कों से होकर तय करना पड़ता है. फिर भी यहां जाने के लिए आप प्राइवेट टैक्सी ले सकते हैं या कोई स्थानीय जानकार हो तो बाईक से भी जा सकते हैं.

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