गया का पितृपक्ष है दुनियाभर में मशहूर, विदेश से गया आकर लोगों ने किया पूर्वजों का पिंडदान

संस्कृति और परंपरा

इन दिनों गया जिले में चल रहे पितृपक्ष मेले में रूस, स्पेन और जर्मनी से आये विदेशी भी पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष प्राप्ति के लिए पिंडदान और तर्पण कर रहे हैं।

बीते शुक्रवार को विष्णुपद के देव घाट पर विदेशी पर्यटकों ने अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध कर्म और पिंडदान किया।

विदेशी पर्यटक पूर्वजों के पिंडदान और तर्पण के लिए रूस, स्पेन और जर्मनी से 18 विदेशियों का एक जत्था गया पहुंचा है। अगले तीन दिनों तक यहां रुक कर अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और उनके मोक्ष के लिए तर्पण एवं पिंडदान करेंगे।

विदेश से आने वाले इन श्रद्धालुओं ने कहा कि ‘वे गया में पिंडदान के बारे में बहुत कुछ सुन रखा है और उससे प्रभावित होकर अपने पूर्वजों को सम्मान देने के लिए यहां आये हैं।’
रूस से आयी क्रिकोव अनंतोलल्ला ने कहा कि “मैं अपने पति, परिवार और देश में शांति के लिए यहां आयी हूं। गया में पूर्वजों को लेकर होने वाले इस अनुष्ठान के बारे में मैंने सुन रखा था जिससे यहां आने के लिए प्रेरित हुईं।”

जर्मनी की अन्ना बैरोन ने कहा कि “उनके परिवार और घर में कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है, इसलिए वह अपने इस दुर्भाग्य से छुटकारा पाने के लिए यहां आयी हैं।”


मगध प्रक्षेत्र के आयुक्त जितेंद्र श्रीवास्तव के निर्देश पर जिला प्रशासन ने पितृपक्ष मेला के अवसर आये इन विदेशियों का स्वागत गया रेलवे स्टेशन पर फूल-माला पहना कर किया।

इस वर्ष पितृपक्ष मेला 5 सितंबर से शुरू हुआ था और आगामी 20 सितंबर तक जारी रहेगा। इसको लेकर जिला प्रशासन द्वारा व्यापक इंतजाम किये गये हैं और मेले इस बार 10 लाख श्रद्धालुओं के भाग लेने की संभावना जतायी गयी है।

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