गांव में लगे दो चापाकल खराब, कुएं के पानी से प्यास बुझाते हैं लोग, एक किमी दूर से यहां लाना पड़ता है पानी

जानकारी

मोहड़ा प्रखंड के सेवतर पंचायत के धरम विगहा गांव के लोग आजादी के सात दशक बाद भी कुआं के दूषित पानी से अपनी प्यास बुझाने को विवश हैं। गांव में दो वर्ष पहले दो चापाकल लगा था। लेकिन वाे भी खराब पड़ा है। लगभग 150 घर की आबादी होने के बाद भी लोगों को स्वच्छ पानी की व्यवस्था नहीं की गई है। ग्रामीण जय शंकर राम, रावण यादव, मिथलेश कुमार, विकास कुमार ने बताया कि गांव में एक कुआं है। कुआं के दूषित पानी पीकर हम लोग अपनी प्यास बुझा रहे हैं।

कुएं का पानी गर्मी के मौसम में सूख जाता है। उसके बाद हमलोग एक किलोमीटर दूर जाकर सेवतर बाजार से पानी लाकर अपनी प्यास बुझाते हैं। गर्मी के मौसम में एक किलोमीटर दूर से पानी लाना बहुत ही मुश्किल काम है। फिर भी मजबूरी में जाकर पानी लाते हैं, क्योंकि लोग प्यासे नहीं रह सकते हैं। पिछले वर्ष गर्मी के मौसम में जब कुआं सुख गया था। तो दो माह तक टैंकर से पानी आता था। एक टाइम टैंकर से पानी आने के कारण लूटा मारी हो जाता था, किसी को पानी मिलता था तो किसी को पानी नहीं भी मिलता था। प्रशासन स्तर से कुआं का कभी देखभाल नहीं किया गया।

जल जीवन हरियाली योजना के तहत कुआं का जीर्णोंद्धार करना था। लेकिन हमारे गांव में नहीं हुआ। कुआं में आज तक कोई दवा का छिड़काव नहीं किया गया है। मोहड़ा बीडीओ शंभू चौधरी ने बताया कि धर्म बीघा गांव में जो भी बिगड़ा हुआ चापाकल है उसको जल्द से जल्द मरम्मत कराया जाएगा और उस गांव में एक नया चापाकल भी पीएचईडी के द्वारा लगवाया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published.