गौतम गंभीर का चौंकाने वाला बयान, मैं खेलना चाहता था लेकिन बाहर बिठाया गया !

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IPL 2018 लगभग समाप्ति की ओर है। प्लेऑफ के लिए चारो टीमें तय हो चुकी हैं। एक बार फिर से दिल्ली डेयरडेविल्स की टीम सबसे नीचे रही। हालांकि शुरुआत में दिल्ली को उसका पहला खिताब जिताने का सपना दिखाने वाले कप्तान गौतम गंभीर ने बीच में ही कप्तानी छोड़ दी थी। अब गंभीर ने चौंकाने वाला बयान दिया है।

दरअसल दिल्ली डेयरडेविल्स के पूर्व कप्तान गौतम गंभीर ने दिल्ली डेयरडेविल्स का सफर खत्म होने के बाद कहा कि उन्होंने कभी भी खुद को प्लेइंग इलेवन से ड्रॉप नहीं किया था। गौतम गंभीर को आईपीएल के इस सीजन के लिए दिल्ली डेयरडेविल्स ने अपनी टीम में खरीदा था और उन्हें दिल्ली की टीम का कप्तान चुना था।

इसके बाद जब टूर्नामेंट के शुरुआती दौर में गंभीर की कप्तानी में दिल्ली का दिल्ली की टीम टूर्नमेंट में कोई खास छाप नहीं छोड़ पाई, तो उन्होंने बीच टूर्नामेंट में ही कप्तानी छोड़ दी।

इसके बाद गंभीर को प्लेइंग इलेवन में आखिरी मैच तक भी खेलने का मौका नहीं मिला। याद हो तो दिल्ली के कप्तान श्रेयस अय्यर ने अपने पहले ही मैच के बाद कहा था कि प्लेइंग इलेवन में शामिल न होने का फैसला खुद गौतम गंभीर का था। लेकिन अब गंभीर ने इस बातों से इनकार किया है।

इससे साफ जाहिर होता है कि अय्यर ने झूठ बोला था! आपको बता दें कि दिल्ली की टीम को शुरुआती 6 मैचों में मिली 5 हार के बाद गंभीर ने कप्तानी छोड़ने का फैसला लिया था। जिसके बाद श्रेयस अय्यर को कप्तानी सौंपी गई थी।

अब गंभीर ने एक टीवी चैनल पर इस बात का खुलासा किया है कि वह हर मैच में खेलना चाहते थे लेकिन उनको टीम में नहीं चुना गया। गंभीर ने बताया टीम मैनेजमेंट का यह कहना कि उन्होंने खुद प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं होने का फैसला किया, बिल्कुल गलत है।

वह दिल्ली के हर मैच में खेलना चाहते थे लेकिन उनको प्लेइंग इलेवन में शामिल ही नहीं किया गया। अगर उनको खेलना नहीं होता तो वह ना तो प्रैक्टिस करते और ना ही ड्रेसिंग रूम का हिस्सा बनते।

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