बिहार में लगातार दूसरे साल समय से पहले दस्तक देगा मानसून, जून के दूसरे हफ्ते में झमाझम बारिश की संभावना

खबरें बिहार की जानकारी

बिहार में लगातार दूसरे साल मानसून के समय से पहले दस्तक के आसार हैं। यह पूर्वानुमान मौसम विज्ञानियों के केरल तट पर समय पूर्व मानसून के दस्तक देने की संभावना के आधार पर व्यक्त किया जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र नई दिल्ली के अनुसार केरल तट पर मानसून इस बार 27 मई को दस्तक दे सकता है। इससे पहले इसके अंडमान सागर में समय से पूर्व प्रवेश के आसार हैं। इस आकलन के आधार पर बिहार में मानसून के समय से पहले दस्तक के कयासों को बल मिल रहा है।

अमूमन बिहार में मानसून दूसरे हफ्ते की समाप्ति होने के आसपास पहुंचता है लेकिन पिछले तीन सालों में मानसून का आगमन या तो समय पर हुआ है या फिर समय से पहले। इसे देखते हुए कहा जा रहा है कि अंडमान में मानसून के प्रवेश के बाद स्थितियां अनुकूल रहीं तो आठ से दस जून के बीच मानसून बिहार में प्रवेश कर जाएगा।

2021 में मानसून ने समय पूर्व दस्तक दी थी और मात्र 24 घंटों में पूरे राज्य में प्रसार पा लिया था। इस बार लगातार दूसरा साल होगा जब मानसून समय से पूर्व दस्तक देगा। हालांकि कई बार इसके रास्ते में ठिठकने की स्थिति भी देखी जाती रही है। ऐसी स्थिति में यह एक दो दिन देर से सूबे में दस्तक देगा वर्ष 2019 तक मॉनसून के बिहार में पहुंचने का मानक समय 12 जून था। मानक के अनुसार मानसून की पहली बारिश पूर्णिया में 13 को होती है।

मौसम विभाग की ओर से दो साल पहले मानसून के बिहार में प्रवेश के मानक समय में बदलाव किया गया है। इसके लिए सूबे में चार ग्रिड प्वाइंट तय किये गए हैं। इस अनुसार पहले मानसून की पहली बारिश पूर्णिया में 13 जून को जबकि पटना और गया में 16 जून को होती है।

छपरा में 18 जून को मानसून की पहली बारिश की मानक तिथि है। पिछले दो सालों में सामान्य से अधिक बारिश की वजह से मानसून की सूबे में बेहतर स्थिति रही है। इस बार भी मौसम की स्थिति को देखते हुए अच्छी बारिश के आसार जताए जा रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published.