क्या आप जानते हैं बांकीपुर मैदान गांधी मैदान में कैसे परिवर्तित हुआ

जानकारी

आज का गांधी मैदान बांकीपुर मैदान के नाम से जाना जाता था, परन्तु आज यह जन-जन के बीच गांधी मैदान के नाम से जाना जाता है. लेकिन यह जानकारी बहुत कम लोगों को है कि बांकीपुर मैदान गांधी मैदान के रूप में कैसे परिवर्तित हुआ.

15 अगस्त, 1947 को देश आजाद हुआ. आजाद भारत के सपूत विश्वनाथ प्रसाद चौधरी द्वारा दिनांक 04.02.1948 को प्रेषित पत्र के माध्यम से राज्य की राजधानी पटना के बांकीपुर मैदान का नामाकरण बापू के नाम पर करने का अनुरोध राज्य सरकार के प्रधान सचिव से किया गया. पत्र के माध्यम से चौधरी द्वारा पवित्र भूमि बांकीपुर मैदान का नाम महात्मा गांधी मैदान, गांधी मैदान, गांधी उद्यान, गांधी पार्क, गांधी प्रार्थना सभा स्थल या इसी तरह का कोई नाम जिसमें बापू का नाम सन्निहित हो करने का अनुरोध सरकार के प्रधान सचिव को प्राप्त हुआ.

दिनांक 6 अप्रैल, 1948 को आधिकारिक रूप में बांकीपुर मैदान पटना का नामकरण बापू के सम्मान में पटना गांधी मैदान पत्रांक के माध्यम से किया गया. वर्तमान काल में ऐतिहासिक गांधी मैदान का उपयोग विभिन्न प्रकार के सम्मेलनों के आयोजन में किया जाता है. गणतंत्र दिवस एवं स्वतंत्रता दिवस पर क्रमश: राज्य के राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के कर कमलों से ध्वजारोहण कर आजादी की ख़ुशी मनाई जाती है.

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