मधुबनी कांड के पीड़ित बच्चों को फ्री पढ़ाई लिखाई की सुविधा, गोल शिक्षण संस्थान उठाएगा सारा खर्चा

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Patna: मधुबनी नरसंहार में पीड़ित परिवार के बच्चों की पढ़ाई होस्टल के खर्च की पूरी जिम्मेदारी राजधानी पटना के प्रसिद्ध इंस्टीट्यूट #GOAL के निर्देशक डा विपीन‌ सिंह ने उठाने का फैसला लिया है. मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार गोल शिक्षण संस्थान पीड़ित परिवार के सभी बच्चों को मुफ्त शिक्षा मिले इसको लेकर स्कालरशिप देगी. बच्चों को ना सिर्फ पठन पाठन का खर्चा वहन किया जाएगा. बल्कि उनके हास्टल फी और भोजन का खर्चा भी माफ किया जाएगा.

थाना क्षेत्र के महम्मदपुर नरसंहार के 11 वें दिन गुरुवार को तकरीबन 12.15 बजे दोपहर में नरसंहार में एक ही परिवार के मृतक तीन भाइयों के सबसे बड़े भाई संजय सिंह रामपट्टी जेल से पैतृक आवास पर पहुंचे। उनके घर पर पहुंचते ही परिजनों के आंखों से आंसू की धारा निकलने लगी। संजय के आने की खबर मिलते ही गांव के लोग उमड़ पड़े। घर के बरामदे पर बैठी मां ने एकमात्र जीवित पुत्र को देख कहने लगी कि अब दरवाजे पर से किसे आवाज लगाओगे कि बाहर आओ। सभी को प्रवीण व नवीन ने मार दिया। मां की बात सुनते ही संजय की आंखे भर गई। मां को ठीक से गले लगाया भी नहीं था कि मृतक भाइयों के छोटे-छोटे बच्चे कहते हुए आए कि बड़े पापा हमारे पापा को बुला दीजिए न। कई दिनों से वो घर नहीं आए हैं।

नौनिहालों की बात संजय के दिल को चुभ रही थी। इसके बाद संजय की नजर पिता सुरेंद्र सिंह पर पड़ी। जवान तीन बेटों की मौत से टूटे पिता को हिम्मत देने के लिए जब संजय ने कदम बढ़ाया तो पिता फूट फूट कर रोने लगे। कुछ समय पिता के पास बैठने के बाद आंगन से बुलावा आया। आंगन से बुलावा आने के बाद मानों संजय की सांस रुक गई। चंद कदमों की दूरी पर अवस्थित आंगन के लिए संजय के कदम नहीं उठ रहे थे। मृतक छोटे भाई के पुत्रों के गले में उतरी को वह देख नही पा रहे थे। साथ ही, आंगन में भाई की विधवा पत्नियों से आंख मिलाने की शक्ति उसमे नहीं बची थी। किसी तरह सभी को शांत करने में ग्रामीण व रिश्तेदार जुट गए। लेकिन परिजनों को जो दर्द मिला है। उसकी भरपाई नहीं की जा सकती है। सुरेंद्र सिंह के चार पुत्रों में सबसे बड़े पुत्र संजय सिंह हैं। शेष तीन भाइयों रणविजय सिंह, बीरेंद्र सिंह उर्फ बीरू एवं अमरेंद्र कुमार सिंह का निधन गोलीबारी की घटना में हो चुकी है।

पुलिस ने षड्यंत्र के तहत मुझे जेल भेजा : संजय
संजय सिंह ने बताया कि विगत वर्ष 2020 के नवंबर महीने में छठ पूजा से दो दिन पूर्व नरसंहार के मुख्य आरोपी प्रवीण झा तालाब में जबरन मछली मार रहा था। जब रोकने गए तो उसने विवाद शुरू कर दिया। प्रवीण झा के पक्ष मुझपर झूठे एससी-एसटी एक्ट कांड में दर्ज करवा दिया गया। थाने पर उन्हें व प्रवीण को तत्कालीन थानाध्यक्ष महेंद्र कुमार सिंह ने बुलाया था। लेकिन, पुलिस ने षड्यंत्र के तहत मुझे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि मुख्य आरोपी प्रवीण झा का भाई नवीन झा सहित अन्य आरोपी अभी भी पुलिस गिरफ्त से फरार चल रहा है। ऐसे में खतरा का बादल मंडरा रहा है। उनके परिवार के लिए प्रशासन की ओर से पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था प्रदान नहीं की गई है।

Source: Daily Bihar

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