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बिहार में बाढ़ से चारों ओर त्राहिमाम, लोगों को बचाने प्लेन से आई NDRF की टीम

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पूर्णिया: बिहार के कई इलाकों और नेपाल-बिहार के बॉर्डर एरिया में चार दिनों से हो रही भारी बारिश की वजह से गंगा, कोसी, महानंदा और अन्य नदियां उफान पर हैं। किशनगंज, कटिहार, पूर्णिया, गोपालगंज और अररिया में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है।

बारिश-बाढ़ की वजह से राज्य के 13 जिलों के 5 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। इन इलाकों में राहत और बचाव के लिए सरकार ने NDRF और SDRF के साथ सेना को भी उतारा है। एयरफोर्स की मदद मांगी गई है। बाढ़ के चलते अभी तक 10 लोगों की मौत की सूचना मिली है। बाढ़ प्रभावित इलाकों के हवाई सर्वेक्षण के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पटना से निकल गए हैं।



पश्चिम चंपारण जिले के बगहा में प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। गंडक कैचमेंट में अत्यधिक बारिश होने के कारण गंडक बराज के डिस्चार्ज लेवल में अचानक तीव्र वृद्धि हुई है। अभी इसका प्रवाह स्तर 5.10 लाख क्यूसेक है, जो रात 2 बजे तक अनुमानतः 6 लाख क्यूसेक होने की संभावना है। यह पिछले 15 साल में सर्वाधिक है।

प्रशासन का कहना है कि वैसे सभी क्षेत्र के लोग जो तटबंध के निकट निचले क्षेत्र में हैं, वे सुरक्षित एवं ऊंचे स्थान पर चले जाएं। अनुमंडल स्तर पर भी कंट्रोल रूम की व्यवस्था की गई है, किसी भी आपात स्थिति में मोबाइल संख्या 9523595782 पर संपर्क करें।



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बिहार में बाढ़ राहत पहुंचाने के लिए एनडीआरएफ की टीम ओडिसा के मुंडली से प्लेन से पटना आई। एनडीआरएफ के जवानों ने भुवनेश्वर एयरपोर्ट पर कार्गो विमान C-17 में राहत और बचाव के लिए जरूरी उपकरण लोड किए।

बाढ़ प्रभावित इलाकों से लोगों को निकालने के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सेना की 30 टीम काम कर रही है। टीम की प्राथमिकता अभी लोगों को बाढ़ प्रभावित इलाके से निकालना है। एयरफोर्स के दो हेलिकॉप्टर भी बाढ़ राहत के लिए काम कर रहे हैं।

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