पटना में पहली बार बना ग्रीन कॉरिडोर, नालंदा के सौरभ का हार्ट कोलकाता और लीवर दिल्ली भेजा गया

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नालंदा के 19 वर्षीय सौरभ प्रतीक के हार्ट को कोलकता और लिवर को दिल्ली भेजा गया। पटना से नालंदा के 19 वर्षीय युवक सौरभ प्रतीक के हार्ट को कोलकाता व लिवर को नयी दिल्ली भेजा गया। इसके बाद नालंदा के युवक का दिल कोलकाता की 29 वर्षीय युवती राखी मंडल के सीने में प्रत्यारोपित किया गया।

सौरभ मानसिक रुप से कमजोर था वह अपने घर के छज्जे से 19 सितंबर को फिसलकर गिर गया था। उसके परिजन नोबेल अस्पताल, कंकड़बाग लेकर आएं। वहां अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि सौरभ के बचने की संभावना बहुत कम है।इसके बाद 22 सितंबर को अंगदान के उद्देश्य से बच्चे को आईजीआईएमएस में लाया गया, जहां 23 सितंबर को डॉक्टरों की कमेटी ने उसे ब्रेन डेड घोषित कर अंग निकालने की इजाजत दी।


दोपहर तीन बजे शरीर से हार्ट को निकाला गया। फिर विशेष वाहन 3.35 में आईजीआईएमएस से निकला और ग्रीन कॉरिडोर से होते हुए 3.45 में एयरपोर्ट पहुंचा। जहां उसे 4.15 की बजाय 4 बजे ही स्पाइसजेट फ्लाइट लेकर कोलकाता रवाना हो गयी।
मां सरिता चाहती थी की उनके बेटे का दिल धड़कता रहे। इसके लिए अंगदान में अहम भूमिका निभा रचा इतिहास। सौरभ के पिता शशिभूषण ने बताया कि उनकी माता सरिता सिन्हा खुद एक किडनी मरीज हैं उनकी सोच थी कि मेरे बच्चे के अंग से किसी को जीवनदान मिल जाएं।

डिप्टी सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में गठित ब्रेन डेड कमेटियों के लिए एक एसओपी तैयार किया जायगा। उन्होंने कहा कि अंगदान के प्रति लोगों में जागरूकता आ रही है। शुरुआती दौर में कुछ अड़चनें जरुर थी लेकिन अब इस दिशा में अच्छा काम हो रहा है।डीएम कुमार रवि ने कहा कि बिहार से पहली बार मानव अंग प्रत्यारोपण के लिए भेजा जाना गौरव का विषय है। अस्पताल से एयरपोर्ट तक ग्रीन कॉरिडोर बना कर दो घंटे के भीतर दिल्ली और कोलकाता तक लिवर और हार्ट को भेज दिया गया।

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