भारत में ऐसे कई रिकॉर्ड हैं जिसे बिहार की महान विभूतियों ने बनाया है। भारत की पहली महिला डॉक्टर बिहारी की रहने वाली थीं। वे देश की पहली महिला ग्रेजुएट भी थीं। उन्होंने ये रिकॉर्ड तब बनाया था जब महिलाओं का घर की दहलीज से बाहर जाना बहुत खराब माना जाता था। 1886 में एक बिहारी महिला के डॉक्टर बन जाने पर देश ही नहीं दक्षिण एशिया तक में तहलका मच गया था। बिहार की इस महान विभूति का नाम डॉ. कादम्बिनी गांगुली है।

 

कादम्बिनी का जन्म 1861 में बिहार के भागलपुर में हुआ था। उनके पिता ब्रजकिशोर बसु भागलपुर के एक स्कूल में हेडमास्टर थे। ब्रज किशोर बसु ब्रह्म समाज के अनुयायी थे इस लिए स्त्री शिक्षा के समर्थक थे। उस समय लड़कियों में शिक्षा का प्रसार नहीं के बराबर था। शिक्षक पिता की देखरेख में कादम्बिनी की पढ़ाई शुरू अच्छे तरीके से हुई। हाईस्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद वे कॉलेज की पढ़ाई के लिए कोलकाता गयीं।
कादम्बिनी के कोलकाता जाने के फैसले का समाज के लोगों ने विरोध किया लेकिन उनके पिता बाहर भेजने पर अड़े रहे। कोलकाता यूनिवर्सिटी से उन्होंने 1882 में B.A. किया।
इसके बाद कादम्बिनी ने मेडिकल साइंस पढ़ने का मन बनाया। उन्होंने कोलकाता मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के लिए आर्जी दाखिल की। उनका स्लेक्शन हो गया। इस समय देश के लिए बहुत बड़ी खबर थी। पहली बार किसी लड़की ने मेडिकल साइंस की पढ़ाई शुरू की थी। जब वे मेडिकल कॉलेज में पहुंची तो पूरे देश में इसकी चर्चा शुरू हो गयी ।

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