उम्र कैद के साथ लगेगा 100 करोड़ का जुर्माना अगर गंगा में किया पेशाब, मिला जीवित नदी का दर्जा,

आस्था

जस्टिस गिरधर मालवीय के सुपरविजन में ड्राफ्ट तैयार हुआ है। इसमें गंगा के आसपास के एक किलोमीटर इलाके को वाटर सेविंग जोन घोषित करने का सुझाव दिया गया है। पैनल के एक एक्सपर्ट ने कहा कि गंगा की सफाई पर पिछले कुछ सालों में करोड़ों रुपए का खर्च किए गए।

फिर भी कई इलाकों में इसकी हालत नालों जैसी है। इसलिए अब जिम्मेदारी और जुर्माना तय करने की जरूर है।

गंगा या सहायक नदियों में पत्थर, सैंड और मिट्टी के अवैध खनन पर 5 साल की सजा, 50 हजार जुर्माना या दोनों हो सकता है। जुर्माने की रकम में देरी होने पर सजा 7 साल तक बढ़ाई जा सकती है।

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