नालंदा के बेटे प्रियब्रत रंजन को बीपीएससी में 15वां रैंक,संघर्ष के बाद ये मुकाम हासिल किया है

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नालंदा के एक और लाल ने कमाल कर दिखाया है. नालंदा के बेटे प्रियब्रत रंजन को बीपीएससी यानि बिहार लोक सेवा आयोग में 15वां रैंक मिला है। प्रियब्रत रंजन बिहारशरीफ़ प्रखंड के मुरौरा गांव के रहने वाले हैं. उनकी इस सफलता से पूरे गांव में खुशी है

संघर्ष से पाया मुकाम

काफी संघर्ष के बाद प्रियब्रत ने ये मुकाम हासिल किया है. बीपीएससी की तैयारी के दौरान ही उनके पिता का निधन हो गया. प्रियब्रत के पिता कुमार नरेश सिन्हा कैंसर से पीड़ित थे. उनका इलाज चल रहा था. प्रियब्रत अपने पापा को लेकर काफी परेशान रहता था. लेकिन एक दिन उसके पिता साथ छोड़कर चले गए. सिर से पिता का साया उठ जाने के बाद मानों प्रियब्रत पर दुखों का पहाड़ टूट गया. लेकिन प्रियब्रत ने ठान लिया था कि उसकी सफलता ही पिताजी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी. फिर क्या था प्रियब्रत ने प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी में दिन रात एक कर दिया. प्रियब्रत को कठोर परिश्रम की वजह से सफलता मिली. अब इसे वो अपने पापा को सच्ची श्रद्धांजलि बता रहा है.

प्रियब्रत की पढ़ाई लिखाई कहां से हुई

प्रियब्रत रंजन की प्रारंभिक शिक्षा साहेबगंज से हुई। साहेबगंज के संत जेवियर हाईस्कूल से प्रियब्रत ने मैट्रिक की परीक्षा पास की। फिर वहीं से इंटर की भी परीक्षा पास की. प्रियब्रत को इंटर में 79 प्रतिशत अंक आए थे. जिसके बाद वो स्नातक की पढ़ाई के लिए दिल्ली चला आया.

किरोड़ीमल कॉलेज से बीएससी किया

स्नातक की पढ़ाई प्रियब्रत ने दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कॉलेज से की. प्रियब्रत ने रसायनशास्त्र यानि केमेस्ट्री में ग्रेजुएशन किया. फिर प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी में जुट गया

भूगोल से पास की परीक्षा

ग्रेजुएशन की पढ़ाई प्रियब्रत ने रसायनशास्त्र में की. लेकिन बीपीएससी के लिए उसने भूगोल को चुना. प्रियब्रत ने भूगोल यानि ज्योग्रेफी से बीपीएससी मेन्स का एग्जाम दिया. प्रियब्रत को तीसरे प्रयास में ये सफलता मिली

परिवार का सहयोग

अपनी सफलता का श्रेय प्रियव्रत ने अपनी मां रमा सिन्हा को दिया. जिसने पिता के निधन के बावजूद चट्टान की तरह प्रियब्रत के साथ खड़ी रहीं. प्रियब्रत के बड़े भाई सत्यव्रत रंजन भी दिल्ली में रहते हैं. उन्होंने भी दिल्ली विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई की और नोएडा की एक कंपनी में कार्यरत हैं. प्रियब्रत की बहन पूनम सिन्हा बीजेपी की स्थानीय नेता हैं और बिहार बीजेपी महिला की उपाध्यक्ष हैं.



किसानों के लिए काम करना चाहते हैं प्रियव्रत

प्रियब्रत रंजन ने बीपीएसपी में 15 वां स्थान हासिल किया है. उनका चयन बिहार प्रशासनिक सेवा के लिए हुआ है. यानि वो एसडीएम बनेगें. प्रियब्रत का कहना है कि वो किसानों के लिए काम करना चाहते हैं. उनका मानना है कि कृषि क्षेत्र में विकास के बिना बिहार समृद्ध नहीं होगा.

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