फर्जी बिल पर कर ली करोड़ों के सीमेंट की खरीद-बिक्री, वाणिज्य कर विभाग ने पकड़ी करोड़ों की टैक्स चोरी

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ऑटोमोबाइल कारोबार की आड़ में फर्जी बिल पर करोड़ों के सीमेंट खरीद-बिक्री का मामला सामने आने के बाद वाणिज्य कर विभाग की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने शहर की पांच सहित जिले की सात दुकानों की जांच की। शुक्रवार की देर शाम पहुंची टीम की शनिवार को दूसरे दिन भी जांच की। जिन दुकानों की जांच की गई उनमें शहर की चार ऑटोमोबाइल व एक सीमेंट दुकान और चकिया की दो सीमेंट की दुकानें शामिल हैं।

जांच के लिए वाणिज्य कर विभाग के राज्य कर आयुक्त सह सचिव डॉ. प्रतिमा एस वर्मा के निर्देश पर विजिलेंस की दो टीमें मोतिहारी पहुंची थी। विभाग की ओर से बताया गया कि बिहारशरीफ के एक फर्म द्वारा जीएसटी की कटौती की गयी राशि रिफंड के लिए आवेदन दिया था। इसमें मोतिहारी के ऑटोमोबाइल दुकान से सीमेंट खरीदने की बात थी। मामला संदेहास्पद लगने पर इस जांच की गई तो पता चला कि बिहारशरीफ का फर्म कागज पर ही चल रहा था। इसके बाद मोतिहारी में जांच की गई।

इधर, वाणिज्य कर विभाग केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो तिरहुत प्रमंडल के राज्य कर सहायक आयुक्त अवधेश सिंह ने बताया कि कुछ व्यवसायियों ने सीमेंट कारोबार में फर्जी बिल का उपयोग किया है, जिसकी जांच की गई। इसमें भारी अनियमितता पायी गयी है। वहीं टीम के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि फर्जी बिल पर करोड़ों की हेराफेरी की गयी है। जानकारी के अनुसार टीम शुक्रवार को देर शाम तक शहर के चार ऑटोमोबाइल दुकानों की जांच की।

इसके अलावा छतौनी के एक व चकिया में दो सीमेंट दुकान की जांच की। इसमें फर्जी बिल पर करोड़ों के सीमेंट खरीद-बिक्री का मामला सामने आया है। टीम में राज्य कर आयुक्त केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो पटना सत्येंद्र कुमार सिंह व शिवेंद्र कुमार, राज्य कर संयुक्त आयुक्त प्रमंडलीय अन्वेषण ब्यूरो मुजफ्फरपुर प्रभात कुमार, मोतिहारी अंचल के राज्य कर संयुक्त आयुक्त (प्रभारी) मोहन कुमार, राज्य कर सहायक आयुक्त सुजीत कुमार मिश्रा व अस्मिता शर्मा सहित वाणिज्य कर विभाग बेतिया अंचल के अधिकारी शामिल थे। वहीं दूसरी टीम में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो तिरहुत प्रमंडल मुजफ्फरपुर के राज्य कर सहायक आयुक्त अवधेश सिंह, राज्य कर सहायक आयुक्त शिर्पा झा आदि शामिल थे।

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