केन्द्र के इस पैकेज से बिहार के मखाना उत्पादकों को मिलेगा फायदा, जानें कैसे

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वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा देने के पैकेज के एलान के बाद बिहार में किसानों और उत्पादकों में काफी उम्मीदें है. बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी से लेकर कृषि मंत्री डॉ प्रेम कुमार तक इससे बिहार के किसानों और उत्पादों को मिलने वाले फायदे की बात कर रहे हैं. उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी और कृषि मंत्री प्रेम कुमार दोनों ने बिहार के मखाना उद्योग में इसके बाद बड़ा उछाल आने की बात कही है.


डेवलप होगा क्लस्टर
दरअसल वित्तमंत्री ने पैकेज का ऐलान करते हुए कहा था कि बिहार के मखाना और कश्मीर के केशर, यूपी के आम, पूर्वाेत्तर के बांस, आंध्रप्रदेश की लाल मिर्च जैसे उत्पादाें के लिए अब क्लस्टर डेवलप करके उनको प्रमोट किया जाएगा. वित्त मंत्री ने कृषि क्षेत्र में बुनियादी ढांचे और क्षमता निर्माण के लिए 1 लाख कराेड़ रुपए की घाेषणा की है. बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि हमें पूरी उम्मीद है कि इस पहल से माईक्रोफूड इंटरप्राइजेज को बढ़ावा मिलेगा जिसमें पूरे विश्व का 80 प्रतिशत मखाना उत्पादक करके प्रथम स्थान पर है बिहार जिसका हमें लाभ मिलेगा.

विदेशों तक जाएगा हमारा मखाना

कृषि मंत्री ने कहा बिहार का मखाना विदेशों तक जाएगा वहीं कृषि मंत्री ने भी दिये गए फैकेज का स्वागत किया है. साथ ही कहा कि बिहार के मखाना के उत्पाद कि ब्रांडिग कि जाएगी ये बिहार के लिए गौरव की बात है. इससे बिहार के मखाना उत्पादक किसानों को अब उनके उत्पाद का अच्छा मूल्य मिलेगा. अब बिहार के मखाना का स्वाद विदेशों में भी चखा जाएगा जिससे बिहार को अलग पहचान मिलेगी. फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने की बात भी की गई है इससे इलाके के बेरोजगारों को रोजगार भी उपलब्ध होगा.


क्या कहते हैं मखाना कारोबारी
बिहार के मखाना कारोबारी सत्यजीत सिंह कहते हैं कि मखाना का बाजार बहुत बड़ा है. आठ जिले दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, फारबिसगंज, सहरसा और सुपौल ऐसे है जहां 98 प्रतिशत मखाना का उत्पादन होता है. अगर सरकार सही में इस दिशा में काम कर पाती है तो ना सिर्फ किसानों को इसका फायदा होगा बल्कि बहुत लोगों को रोजगार भी मिल पाएगा.  पूरे समूह का विकास हो पाए इसके लिए मार्केट ड्रेवेन अप्रोज यानी बाजार को सही तरीके के संचालित करना जरुरी है. सत्यजीत सिंह पंद्रह साल से मखाना कारोबार में है. उन्होनें 600 किसानों के साथ मखाना उत्पाद की शुरुआत की थी और आज उनके साथ 12,000 किसान जुड़े हैं जो सिर्फ उन्हें ही मखाना सप्लाई करते हैं.

Sources:-News18

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