फर्जी दस्तावेज पर जारी हुए 920 सिमकार्ड, प्रदेशभर में 170 प्राथमिकी दर्ज; 6 जिले मुख्‍य सेंटर

कही-सुनी

फर्जी नाम-पते और दस्तावेज से जारी सिम कार्ड का सर्वाधिक इस्तेमाल साइबर ठगी में किया जा रहा है। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चलाए गए विशेष अभियान में वर्ष 2022 में ऐसे 920 सिम कार्ड बंद कराए गए, जो फर्जी दस्तावेज पर शुरू किए गए थे। इस मामले में राज्य के विभिन्न जिलों में 170 प्राथमिकी दर्ज की गई है। आर्थिक अपराध इकाई ने सभी जिलों के एसपी को सिम कार्ड निबंधन का कड़ाई से अनुपालन कराने का निर्देश दिया है।

साइबर अपराध की नोडल एजेंसी आर्थिक अपराध इकाई के एडीजी नैयर हसनैन खान ने बताया कि फर्जी सिम को लेकर सभी जिलों को लगातार सख्ती बरतने का निर्देश दिया गया है। टेलीकाम कंपनियां को भी फर्जी दस्तावेज पर सिम लेने वाले लोगों की जानकारी पुलिस को देने और प्राथमिकी दर्ज कराने को कहा गया है। इसका अनुपालन भी किया जा रहा है।

 

गया में सर्वाधिक 219 फर्जी सिम कार्ड

फर्जी सिम कार्ड मामले में मधुबनी में सर्वाधिक 35, नालंदा में 30, भोजपुर में 21, समस्तीपुर में 16, लखीसराय में 10 और पटना व जमुई में आठ-आठ प्राथमिकी दर्ज की गई है। सर्वाधिक 219 फर्जी सिम कार्ड के मामले गया जिले में पाए गए हैं। इस मामले में दो प्राथमिकी दर्ज की गईं हैं, जिसमें 195 लोग शामिल हैं। इसके अलावा मधुबनी जिले में 135 फर्जी सिम कार्ड, जबकि सुपौल में 71 फर्जी सिम कार्ड को चिह्नित कर बंद कराया गया है।

छह जिले साइबर क्राइम के हॉट स्‍पॉट

राज्य में पटना, नवादा, नालंदा, गया, शेखपुरा और जमुई को साइबर क्राइम के हॉट स्‍पॉट के रूप में चिह्नित किया गया है। इन जिलों में फर्जी सिम कार्ड के जरिए न केवल राज्य बल्कि दिल्ली, राजस्थान, झारखंड और पश्चिम बंगाल के लोगों से भी साइबर ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। इसको लेकर लगातार गिरफ्तारी भी की गई है। ऐसे में इन जिलों के एसपी को भी विशेष नजर रखने को कहा गया है। ट्राई के नियमों का अनुपालन करने वाले लोगों को चिह्नित कर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।

 

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