फेसबुक-ट्विटर पर आपत्तिजनक पोस्ट से पटना हाईकोर्ट नाराज, नोटिस जारी, FIR का आदेश

जानकारी

पटना हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट और मैसेज करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई करने का आदेश आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) को दिया है। साथ ही इंस्टाग्राम, टि्वटर, यूट्यूब, वाट्सएप, मैसेंजर तथा मेटा जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को नोटिस जारी किया है।

इस मामले में अगली सुनवाई 17 दिसंबर यानी शुक्रवार को होगी। इस दिन कोर्ट ने आर्थिक अपराध इकाई के एडीजी को कोर्ट में उपस्थित होकर हलफनामा दायर कर यह बताने को कहा है कि आपत्तिजनक पोस्ट के खिलाफ अब तक कितनी कार्रवाई की गई है।

 

न्यायमूर्ति संदीप कुमार की एकलपीठ ने शिव कुमार की जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए बुधवार को यह आदेश दिया है। हालांकि, इस मामले में कोर्ट आवेदक की जमानत अर्जी कई माह पूर्व ही खारिज कर चुका है। कोर्ट का कहना था कि सोशल मीडिया पर कुछ लोग किसी खास के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी पोस्ट करते हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भी इन पोस्ट पर कोई कार्रवाई नहीं करता है।

 

मामले पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के एक वकील प्रताप शर्मा ने कोर्ट को बताया कि साइबर क्राइम को लेकर एक प्राथमिकी राजीवनगर थाने में दर्ज करायी गयी है लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। कोर्ट ने आर्थिक अपराध इकाई को इस मामले के अनुसंधान की जिम्मेवारी दी है। 

ऐसा पोस्ट करने में सहयोग करने वालों को भी चिह्नित करें

कोर्ट ने कहा कि देश के प्रधान मुख्य न्यायाधीश, सुप्रीम कोर्ट के जज, हाईकोर्ट के जज, केंद्रीय कानून मंत्री एवं कई पूर्व मुख्य न्यायाधीशों के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की गई है, लेकिन आर्थिक अपराध इकाई ने कोई कार्रवाई नहीं की। इन आपत्तिजनक पोस्ट पर कानून के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए थी। कोर्ट ने आर्थिक अपराध इकाई को प्राथमिक दर्ज कर कानून के तहत कार्रवाई करने का आदेश दिया है। साथ ही ऐसे पोस्ट करने में सहयोग करने वाले को भी चिह्नित कर कार्रवाई करने का आदेश दिया है।

 

आदेश के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं 

कोर्ट ने आर्थिक अपराध इकाई से पूछा है कि 21 जनवरी 2021 को जारी आदेश के बाद अब तक कितनी कार्रवाई हुई है। ईओयू ने 21 जनवरी 2021 को राज्य सरकार के सभी विभागों के प्रधान सचिव को पत्र जारी कर सरकार, एमपी-एमएलए तथा सरकारी अधिकारियों, कर्मियों और अन्य लोगों के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। अभी तक किसी भी विभाग ने आपत्तिजनक टिप्पणी पर कोई कार्रवाई नहीं की है।

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