बिहार के इस गाँव में हर घर का बेटा है सैनिक, हर युवा करता है देश की सेवा

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सकरा प्रखंड का बधनगरी (जगदीशपुर व विशनपुर) गांव, जहां का हर युवा सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करना चाहता है। गांव के तीन सौ से अधिक युवा सेना में हैं। जबकि, करीब चार सौ रिटायर्ड हो चुके हैं।

गांव की आबादी तकरीबन बारह हजार है। यहां के युवा मैट्रिक पास करने के साथ ही सेना में भर्ती के लिए तैयारी शुरू कर देते हैं। रोज सुबह चार बजे से श्री बलिहारी उच्च विद्यालय जगदीशपुर बधनगरी व सर्वोदय सुधाकर उच्च विद्यालय विशुनपुर बधनगरी परिसर में सेना में भर्ती के लिए पसीना बहाते दिख जाते हैं।

गांव के  90 फीसद घरों के एक-दो या इससे अधिक सदस्य सेना में हैं। जयरत्न मिश्र, शिवचंद्र मिश्र, जयकांत मिश्र, नील रत्न मिश्र, हरिकांत मिश्र सहित कई लोगों की दो-तीन पीढ़ी देश सेवा में लगी रही है। रमेश मिश्र, प्रेमचंद्र मिश्र सहित कई लोगों का पूरा परिवार सेना में है।

गांव के तीन दर्जन से अधिक लोग सेना में सूबेदार, मेजर व लेफ्टिनेंट पदों को सुशोभित कर चुके हैं। जगदीशपुर बधनगरी की बहू साधना मेजर पद पर सेना भवन मुख्यालय नई दिल्ली में कार्यरत हैं। वे आर्मी मेडिकल ग्रुप में हैं।

गांव के युवाओं को रिटायर्ड फौजी प्रशिक्षण देकर तैयारी में मदद करते हैं। पूर्व सैनिक राजाराम मिश्र युवाओं को सेना में जाने के लिए प्रेरित करते हैं। उनमें देश सेवा का भाव जगाते हैं। भर्ती की प्रक्रियाओं की जानकारी देकर उनकी मदद करते हैं।

गौरव कुमार, विपुल कुमार व अंकित कुमार कहते हैं कि गांव के काफी लोग सेना में हैं। उनलोगों की भी पहली पसंद सेना में जाना है। इसके लिए दसवीं कक्षा में जाने के साथ ही तैयारी शुरू कर दी है। प्रतिदिन चार बजे सुबह से दो दर्जन से अधिक युवा तैयारी करते हैं।

जगदीशपुर बधनगरी गांव के मुखिया राजेश कुमार मिश्र बताते है, कि ‘बधनगरी गांव के लगभग सभी घरों से एक या दो लोग सेना में कार्यरत हैं।

यहां के युवाओं में देश सेवा की भावना ऐसी है कि वे किसी अन्य क्षेत्र में नौकरी या व्यवसाय में जाना नहीं चाहते।’

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