जर्मनी में बिहार प्रतिभा का जलवा, डॉ विपिन की लिखित ग्रन्थ की बढ़ी ऑनलाइन डिमांड

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पटना: कहते हैं प्रतिभा है तो वह आज ना कल निखर के सामने आएगी। यत्न और प्रयत्न के साथ किये गये तपस्या के बाद कामयाबी खुद शोर मचाती है। कुछ ऐसी ही कामयाबी बिहार के लाल को मिली है। यूं तो देश से लेकर विदेश तक बिहारियों का जलवा कायम है लेकिन इसमें चार चाँद लगाने का काम मधुबनी जिले के डॉ. बिपिन कुमार झा ने किया है।

मूल रूप से बिहार के मधुबनी जिले के लखनौर गांव के रहने वाले डॉ. सदानन्द झा के पुत्र डॉ. बिपिन कुमार झा की पहली पुस्तक जो की जर्मनी से प्रकाशित है उसकी अचानक डिमांड बढ़ चुकी है। डॉ. बिपिन कुमार झा राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान के साहित्य विभाग में प्राध्यापक भी हैं।

साल 2010 में जर्मनी की एकैडमिक पब्लिशिंग लैप लैम्बर्ट ने डॉ. विपिन कुमार झा की पहली किताब ‘फ्रेज स्ट्रक्चर इन संस्कृत विथ स्पेशल रेफरेंस टू द फ‌र्स्ट कैन्टो ऑफ किरातार्जुनीयम’ को प्रकाशित किया।

राजनीतिशास्त्र की विशद विवेचना करने वाले महाकवि भारवि द्वारा लिखित बृहत्त्रयी के एक खंड किरातार्जुनीयम को विशिष्ट अंदाज में अपनी इस पुस्तक के माध्यम से डॉ. झा ने प्रस्तुत किया जो की लोगों को काफी पसंद आ रही है। प्रकाशन के आठ साल बीत चुके हैं लेकिन अभी भी इस किताब की डिमांड कम नहीं हो रही है।

पाठकों की पसंद को देखते हुए अब यह कितान कई ऑनलाइन शोपिंग साइट्स पर भी उपलब्ध हो चुका है। ऑनलाइन शोपिंग साईट अमेजन पर इस किताब की सबसे अधिक डिमांड है।

डॉ. बिपिन कुमार झा जो की जवाहरलाल नेहरू विवि से एमए, एमफिल सहित आइआइटी मुंबई से पीएचडी की डिग्री प्राप्त कर चुके हैं वह कहते हैं कि 26 वर्ष की अवस्था में ही एक अत्यंत प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रकाशक द्वारा पुस्तक प्रकाशन की स्वीकृति मिलना मेरे लिए गौरव की बात रही।

यहीं से मुझे अपने कर्मपथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली, जिसके फलस्वरूप दुनिया के पहले संस्कृत इलेक्ट्रॉनिक जनरल के प्रकाशन की दिशा में कदम बढ़ाया।

वहीं समीक्षा के लिए द फिलॉसोफी स्टडी अमेरिका के लिए चयनित किए गए। आपको बता दें डॉ. विपिन कुमार झा द्वारा रचित,संपादित आधा दर्जन पुस्तकें, चार दर्जन से अधिक रिसर्च पेपर, तीन दर्जन से अधिक मैथिली संग्रहों का प्रकाशन हो चुका है। डॉ झा बताते हैं की अपनी लेखनी में नयापन और शब्दों में सामाजिकता मौलिक क कसौटी पर कसकर प्रस्तुत करना मेरी सोच रहती है।

Source: Live Bihar

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