इंजीनियर ने बेच दिया दो रेल इंजन का स्क्रैप, ऊपर के अधिकारियों की मिलीभगत उजागर, FIR दर्ज, बचाने की हो रही कवायद

जानकारी

समस्तीपुर रेल मंडल के बनमनखी स्टेशन के एरिया से लाखों रुपए मूल्य का स्क्रैप गायब हो गया है। गायब स्क्रैप में दो पुराने रेल इंजन का फ्रेम भी शामिल है। इस वारदात को एक सीनियर इंजीनयर ने अपने एक हेल्पर और स्क्रैप माफिया से मिलकर अंजाम दिया है। लेकिन आरपीएफ के एक सब इंस्पेक्टर ने इस गोरखधंधे को उजागर कर दिया है। सूचना मिलते ही समस्तीपुर रेल मंडल में हड़कंप मच गया। रेल प्रशासन मामले को गंभीरता से लेकर जांच में जुट गया है। जांच पूरी होने के बाद ही सही से पता चलेगा कि गायब स्क्रैप का मूल्य क्या है। इस मामले में आरपीएफ बनमनखी में नामजद इंजीनियर राजीव रंजन झा(SSE)समेत सात के खिलाफ कांड संख्या- 02/2021 दर्ज कर जांच की जा रही है। पोस्ट कमांडर बीपी मंडल मामले का अनुसंधान कर रहे हैं।

इस संबंध में डीआरएम आलोक अग्रवाल ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी कर्मी के विरुद्ध कारवाई सुनिश्चित की जाएगी। बनमनखी स्टेशन पूर्णिया जिले में है। जो सहरसा कैरेज एंड बैगन के अधीन है। बनमनखी स्टेशन के स्टोर में करोड़ों रुपए मूल्य का स्क्रैप रखा था। सूत्रों की मानें तो स्क्रैप टेंडर किया गया। इस टेंडर की आड़ में इंजीनियर राजीव रंजन झा ने हेल्पर सुशील कुमार यादव, कटर रामजनम राय के साथ मिलकर दो इंजन का फ्रेम काटकर गायब कर दिया और बाहर ले जाकर बेच दिया। इस कांड में ट्रक ड्राइवर संजीत कुमार, मनीष कुमार, एक हाइड्रा और पिकअप वैन के अज्ञात चालकों को भी अभियुक्त बनाया गया है

 

टेंडर को लेकर जो पत्र जारी किया गया था वह भी जांच के दायरे में है। जानकारी के मुताबिक समस्तीपुर एसएसई राजीव रंजन झा अपने हेल्पर सुशील यादव और अन्य नामजद के साथ मिलकर लोको कोच फ्रेम को काटकर ले जा रहे थे। आरपीएफ के संज्ञान में यह बात आई तो जांच की गयी। इंजीनियर ने उन्हें एक पत्र दिया जिस पर संदेह जताया जा रहा है। यह पत्र एडीएमई केके शंकर द्वारा जारी किया गया था। पता चला है कि इंजन का फ्रेम काटकर समस्तीपुर डीजल शेड के लिए ले जाया गया लेकिन वह स्क्रैप डीजल शेड नही पहुंचाया गया। प्रारंभिक जांच में इसकी चोरी की बात सामने आई है।

इसकी सूचना एक आरपीएफ कर्मी ने अपने वरीय अधिकारियों को दी। इसके बाद इस मामले की जांच पड़ताल शुरू हुई। साथ ही इससे संबंधित कर्मियों से पूछताछ के साथ ही इस प्रकरण की जांच शुरू कर दी गयी है। सूत्रों से यह भी जानकारी मिल रही है कि मामले में एक बड़े ओहदेदार पदाधिकारी को बचाने की कवायद चल रही है। आरपीएफ आउट पोस्ट पुर्णिया कोर्ट में जीरो एफआईआर दर्ज है उसमें अभियुक्तों की संख्या 8 है जबकि बनमनखी आरपीएफ पोस्ट में दर्ज कांड में अभियुक्तों की संख्या 7 है।

 

सूत्रों की मानें तो सहरसा कैरेज एंड बैगन के अधिकारी, मंडल के अधिकारी के अलावे हाजीपुर जोन से भी अधिकारियों की टीम जांच कर रही है। फिलहाल जांच अभी प्रक्रियाधीन ही है। बनमनखी से स्क्रैप के गायब होने की सूचना संज्ञान में है। इसकी जांच की जा रही है। स्क्रैप मूल्य का आकलन नहीं किया गया है। जांच रिपोर्ट के बाद ही पता चलेगा। इसमें जिनकी भी लापरवाही सामने आएगी, उनके विरुद्ध कारवाई की जाएगी। – आलोक अग्रवाल,डीआरएम, समस्तीपुर।

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