NIT से पढ बना इंजीनियर, अब GOVERMENT इंजीनियरिंग कॉलेज में बन चूका है प्रोफेसर

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Patna: बिहार राज्य के रोहतास जिले के बिक्रमगंज के प्रिंस कुमार की स्टोरी है प्रेरणा दायक। आप भी पढ़े कैसे हिन्दी मीडियम के सरकारी स्कूल में पढने वाला शिक्षक का बेटा बना इंजीनियर। प्रिंस के पिता का नाम श्री राजा राम चौधरी है जो मिडिल स्कूल के शिक्षक रह चुके है, और इनके माता का नाम श्रीमती लालती देवी है। प्रिंस की सफलता में उसके मेहनत के साथ गुरु आरके श्रीवास्तव का बहुत बड़ा योगदान है। उन दिनो प्रिंस के घर में सिर्फ प्रिंस के पापा ही कमाने वाले थे, परन्तु समय बदला परस्थितियां बदला तो आज प्रिंस इंजीनियर बन सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत है।

प्रिंस के इंजीनियर बनने के बाद अब परिवार की स्थिति पहले से और बेहतर हुआ। प्रिंस बचपन से हिन्दी मीडियम के सरकारी स्कूलों से पढा। उसने RDS high SCHOOL धनगाई से 10 वी की परीक्षा पास किया, उसके बाद AS COLLEGE बिक्रमगंज से 12 वी और वर्ष 2009 में इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा में सफलता पाकर KEC इंजीनियरिंग कॉलेज भुनेश्वर में दाखिला लिया। उसने इलेक्ट्रिकल ब्रांच से अपना बीटेक किया।

प्रिंस अपने गाँव बिक्रमगंज से पढकर इंजीनियर बना। आरके श्रीवास्तव के शैक्षणिक संस्थान में उनके सानिध्य में पढकर सफलता पाया। इंजीनियरिंग करने के बाद प्रिंस ने GATE QUALIFY किया। उसके बाद NIT पटना से M.TECH की पढ़ाई पुरा किया। अभी वर्तमान में प्रिंस Assistant Professor in Electrical Engineering Department at Government Engineering College Bilaspur में कार्यरत है।प्रिंस का परिवार हमेशा गुरु आरके श्रीवास्तव की प्रशंसा करते नही थकते जिसने उसे इंजीनियर बनने के लिये प्रेरित किया।

आरके श्रीवास्तव बताते है की प्रिंस मेरे पहले बैच का स्टूडेंट है, जब टीबी की बिमारी के चलते ईलाज के दौरान डॉक्टर ने मुझे घर पर रहकर आराम करने का सलाह दिये थे, घर पर रहते रहते बोर होने लगा तो घर के अगल बगल के स्टूडेंट्स को बुलाकर पढाना चालू किया। जब फ़ोन से बात हुआ तो प्रिंस ने बताया की कैसे सर आप पूरी रातभर लगातार हमलोगों को पढाते थे , कब रात से सुबह हो जाता पता ही नही चलता था। आज आपके द्वारा कराये गये मेहनत का ही देन है की हम इस उपलब्धी तक पहूँचे है।

आरके श्रीवास्तव ने कहा आप जैसे स्टूडेंट्स पर काफी गर्व होता है जो अपनी मिट्टी से आज भी जुड़े है। आप देश के उन सभी स्टूडेंटस के लिये रॉल मॉडल जो गाँव में कम सुविधा में रहकर भी इंजीनियर बनने का सपना देखते है और उस सपने को साकार करते है।

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