बिहार में रोजगार CM नीतीश सरकार ने टाटा टेक्नोलॉजी से किया करार, मैट्रिकुलेशन के बाद करें ये कोर्स

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Patna: बिहार में रोजगार के नये अवसर उपलब्ध करवाने के लिए राज्य सरकार लगातार कवायद कर रही है. इसी क्रम में जहां सरकारी नौकरियों के लिए वैकेंसी निकाली जा रही हैं, वहीं निजी क्षेत्रों में भी रोजगार सृजन के भी प्रयास जारी हैं. बिहार को औद्योगिकीकरण की राह पर आगे बढ़ाने के प्रयास के तहत इथेनॉल की फैक्ट्रियों के जरिये बेरोजगारी दूर करने की योजना पर द्रुत गति से कार्य हो रहे हैं, वहीं बिहार के सभी सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान यानी आईटीआई को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने की योजना पर विचार किया जा रहा है. छह नए कोर्स की शुरुआत अगले साल से होने जा रही है जो कि नई एडवांस टेक्नोलाजी पर आधारित होंगे. बताया जा रहा है कि यह कोर्स जॉब ओरिएंटेड होगा जो युवाओं को रोजगार दिलाने में कारगर साबित होगा. इसके लिए बिहार सरकार ने टाटा टेक्नोलॉजी के साथ करार भी कर लिया है.

विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार ये कोर्स आर्क वेल्डिंग व औद्योगिक रोबोटिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन प्रशिक्षण, आइओटी और डिजिटल इंस्ट्रूमेंटेशन, मशीनिंग तथा विनिर्माण एडवाइजर, आइटी एवं डिजाइन, सभी तरह की मरम्मत और रखरखाव, मोडर्न प्लंबिंग में ट्रेनिंग से जुडे हैं. इसके बारे में बताते हुए राज्य सरकार में श्रम संसाधन मंत्री जीवेश कुमार मिश्रा ने कहा कि राज्य के युवाओं को रोजगार दिलाने के मकसद से आईटीआई अपग्रेडेशन की कार्य पर तेजी से काम हो रहा है.

जीवेश मिश्रा ने बताया कि छात्रों को एडवांस टेक्नोलॉजी की ट्रेनिंग सुविधा होगी. इस तकनीक के तहत आईटीआई में छात्रों को मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, ग्राफिक डिजाइन, रोबोटिक मेंटेनेंस, इलेक्ट्रिकल जैसे तकनीक में मशीनें लगाकर आइटी कंपनियों सहित अन्य इंडस्ट्री के मदद से आइटीआइ को और विकसित बनाया जाएगा. छात्रों के लिए ऑनलाइन ट्रेनिंग के साथ ही फिजिकल ट्रेनिंग का भी प्रबंध होगा.

उन्होंने बताया कि सभी आईटीआई को टाटा टेक्नोलॉजी ट्रेनर के साथ मदद करेगी और नए अपग्रेड टूल्स मशीनरी एवं सिलेबस बनाने में सहयोग करेगी. आईटीआई के देखरेख, प्रबंधन और संचालन के लिए प्रबंध समितियों का गठन करना अनिवार्य कर दिया गया है. यह यह जानना आवश्यक है कि दसवीं पास युवा आईआईटी कोर्स में दाखिला ले सकते हैं जो कि रोजगार के दृष्टिकोण से काफी बढ़िया है.

बता दें कि सरकारी आईटीआई कॉलेज में दाखिले के लिए हर साल ‌बिहार राज्‍य संयुक्‍त प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद प्रतियोगिता प्रवेश परीक्षा आयोजित करता है. छात्र बेहद कम पैसे में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर कोर्स खत्म होने के बाद आसानी से उन्हें रोजगार मिल जाती है. लगभग कंपनियों में आया कि ट्रेनिंग करने वालों की डिमांड बनी रहती है. ऐसे में बिहार सरकार और टाटा टेक्नोलॉजी के बीच हुआ यह करार बिहार के छात्रों का भविष्य संवार सकता है.

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