पटना में एक अनोखी पहल : बिना दहेज़ लिए 51 जोड़े बंधेंगे शादी के बंधन में

संस्कृति और परंपरा

एक पिता के लिए अपनी बेटी की शादी करना बहुत बड़ा सपना होता है लेकिन कई बार पैसे के अभाव में वे या तो उनकी बेटी की शादी टूट जाती है या शादी में काफी अड़चने आती हैं। ऐसे ही आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों लिए खास अवसर है एक विवाह ऐसा भी कार्यक्रम। इसके तहत आर्थिक रूप से कमज़ोर 51 जोड़ों का विवाह एक मंडप में एक साथ होता है। बैंड-बाजे के साथ 51 दूल्हों की बारात निकाली जाती और फिर सभी लड़का-लड़की फेरे लेकर परिणय सूत्र में बंध जाते हैं। मां वैष्णो देवी सेवा समिति की ओर से पिछले 8 सालों से हर वर्ष श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में साल के मध्य  में सामूहिक विवाह कराया जाता है। विवाह में होने वाले सारे खर्च समिति की ओर से किये जाते हैं। वर व वधु पक्ष को कोई पैसा खर्च नहीं करना पड़ता।

 

आगलगी के कारण कई लड़कियों की शादी टूटने की खबर के बाद शुरू हुआ कार्यक्रम-

मां वैष्णो देवी सेवा समिति के बताते हैं कि 2009 में दैनिक हिंदुस्तान अखबार में एक खबर छपी थी जिसमे बताया कि गया था आगलगी की घटना के कारण कुछ परिवारों का सारा सामान जल गया था और उस दौरान उनकी बेटियों की शादी थी। इस वजह से 

उनकी बेटियों की शादी टूटने के कगार पर आ गयी थी। तब हमने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर मां वैष्णो देवी सेवा समिति संस्था के तहत उन परिवारों की बेटियों की शादी का खर्च उठाने की ठानी और तब से हमने तय किया कि हम हरसाल ऐसे आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवार के लड़के और लड़कियों की शादी अपने खर्चें पर करवाएंगे और तब से ही हमारे कार्यक्रम एक विवाह ऐसा भी की शुरुआत हुई। हमने 2010 से 2016 तक लगातार 7 वर्ष शादियां कराई, इस बार हम आठवींबार एक विवाह ऐसा भी कार्यक्रम आयोजित करने जा रहे हैं।

निःशुल्क होता है रजिस्ट्रेशन-

अगर कोई भी ऐसा आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवार है जिन्होंने अपने बेटियों की शादी तय कर दी है या उन्होंने अपने बेटियों के लिए दूल्हा देख लिया है लेकिन पैसे के अभाव में उनकी शादी नहीं हो पा रही है तो वे हम से निःशुल्क फार्म ले कर 10 मई तक रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। रस्ट्रिेशन कराने वाले ये ज़रूर ध्यान रखें कि वर की उम्र कम से कम 21 वर्ष और वधु की उम्र 18 वर्ष होनी चाहिए। इससे संबंधित प्रमाण-पत्र भी लिया जाएगा।

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