एक विवाह ऐसा भी… ससुर ने निभाया पिता का फर्ज, बेटी की तरह विधवा बहू का किया कन्यादान

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एक कहावत है मायके से बेटी की डोली और ससुराल से ही अर्थी उठती है। लेकिन घोघा के अठगांवा में एक ससुर ने पिता का फर्ज निभाते हुए अपनी विधवा बहू की दूसरी शादी करवाकर इस कहावत को उलट दिया। मामला भागलपुर जिले के घोघा के अठगांवा का है। जहां शनिवार को एक ससुर ने अपनी विधवा बहू का कन्यादान किया। लोग ऐसे ससुर की तारीफ कर रहे हैं।

अठगांवा निवासी अनिल मंडल अपनी पत्नी मंजू देवी, पुत्र रविन्द्र कुमार के साथ खुशी-खुशी अपना जीवन गुजार रहे थे। अनिल को सिर्फ एक पुत्र ही था। जिसकी शादी 2008 में सबौर थाना क्षेत्र निवासी चमकलाल मंडल की पुत्री अंजू देवी के साथ हुई थी। शादी के बाद उसने एक पुत्री को जन्म दिया। 3 जून 2020 को पत्नी मंजू देवी की मौत हो गई। इसके बाद 27 जुलाई 2020 को पुत्र रविन्द्र कुमार की भी हृदयगति रूकने से मौत हो गई। दो-दो दुखदायी घटना से अनिल मंडल व बहू पर मानों दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

अनिल मंडल ने तो कुछ दिनों में हालत से समझौता कर लिया, लेकिन विधवा बहू अंजू देवी हमेशा गुमशुम रहने लगी। बहू की एकाकी पन देख अनिल ने अंजू देवी की शादी कराने का फैसला ले लिया। अनिल को पुत्री नहीं रहने से बहू को ही पुत्री मान उसके लिए रिश्ता ढूंढने लगा। अनिल का प्रयास बेकार नहीं गया। आखिरकार अपने ही रिश्तेदार में योग्य लड़का मिल गया और शनिवार को शादी करा दी।

बहू ने बेटी बनकर मेरा अरमान पूरा किया

अनिल इतना उत्साहित था कि विवाह को लेकर सामाजिक भोज का आयोजन करते हुए इस शादी को अंजाम तक पहुंचाया। सारी रस्मो-रिवाज को निभाते हुए बटेश्वर स्थान में शादी कराई और बहु की एकाकी व नीरस जीवन में रंग भर दी। ससुर अनिल मंडल ने जानकारी देते हुए बताया की मुझे बेटी नहीं है, लेकिन बहू ने सदैव मुझे अपने सगे पिता से भी बढ़कर ज्यादा मान सम्मान दिया। बहू से ज्यादा बेटी के रूप में मेरा अरमान पूरा किया मैं काफी खुश हूं।

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