3 दिनों बाद शुरू हो रहा नवरात्र, ये हैं कलश स्थापना के शुभ फल देने वाले मुहूर्त

आस्था

शारदीय नवरात्र इस बार 21 सितंबर गुरुवार से शुरू हो रहे हैं। प्रतिपदा तिथि में सुबह सात बजकर अठतीस मिनट पर घटस्थापना का शुभ मुहूर्त है। अश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवमी पर्यन्त नवरात्रि व्रत व दुर्गा पूजन किया जाता है।

कई स्थानों पर दुर्गा पूजाएं और जागरण के कार्यक्रम होने हैं। मंदिरों में एक बार फिर से उत्सव का माहौल रहेगा। नवरात्रियों तक व्रत करने से नवरात्र व्रत पूर्ण होता है। शारदीय नवरात्र शक्ति उपासना का समय है। देवी व्रतों में कुमारी पूजन (कन्याओं का पूजन) जरूरी बताया गया है।

2 से 10 साल तक की कन्याओं को देवी मानकर उनको भोजनादि से तृप्त किया जाता है। विद्वानों के अनुसार इन दिनों भू शयन, ब्रह्मचर्य पालन, क्षमा, दया, उदारता पूर्वक रहने, क्रोध, लोभ, मोह का त्याग कर नवमी व्रत का पारण करें तो इससे देवी प्रसन्न होती है।

ज्योतिषाचार्य भरत राम तिवारी के अनुसार 21 सितंबर को सुबह 10:25 बजे तक प्रतिपदा तिथि रहेगी। रात 11:23 बजे तक हस्त नश्रत्र रहेगा। हस्त नश्रत्र और अभिजित मुहूर्त, द्विस्वभाव लग्न में कलश स्थापना शुभ मानी जाती है। अभिजित मुहूर्त सुबह 11:46 से 12:34 बजे तक रहेगा।

सुबह 7:38 से 8:10 बजे तक कन्या लग्न और 12:50 से 1:42 बजे दोपहर तक धनु लग्न में कलश स्थापना (जौ बोना) अधिक शुभ रहेगा। ये समय सभी तरह से दोष मुक्त है। इसके बाद 3:16 बजे तक राहुकाल रहेगा। सहारनपुर रोड स्थित पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर में हुई सेवादल की आमसभा में नवरात्र की तैयारियों पर चर्चा हुई।

दिगम्बर भागवत पुरी ने बताया कि पहले नवरात्र को मंदिर में घटस्थापना होगी। दुर्गा सप्तशती के पाठ होंगे। अष्टमी को सामूहिक हवन होगा। नवरात्र पर मेला मईया की भजन संध्याएं होगी। जिसमें जागरण मंडलियां हिस्सा लेंगी। कार्यक्रम के लिए 36 यजमान भी चुने गए हैं, जो पूजा अर्चना में हिस्सा लेंगे।

नवमी तिथि को कंजिका पूजने के साथ नवरात्र उत्सव का समापन होगा। इस बार का उत्सव बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ को समर्पित होगा। इसके अलावा सेवादल ने मंदिर की शोभायात्राओं की झांकियों में कटौती कर कन्याओं के सामूहिक विवाह आयोजन करने का निर्णय लिया है।

मौके पर दिगम्बर दिनेश पुरी, पंडित भारत भूषण, राजेन्द्र आनंद, नवीन गुप्ता, दिलीप सैनी, विक्की गोयल, अनुराग गुप्ता, राकेश मित्तल, राजकुमार गुप्ता, कार्तिक, विनोद अग्रवाल, अचल पुंडीर, मनोज गोयल, राहुल शर्मा मौजूद थे।

नवरात्र में पहने इन रंगों के कपड़े, परेशानियां होंगी दूर और घर में आएगा धन

ये नवरात्र आपके लिए और भी लाभकारी हो सकता है, यदि आप पूजा के साथ नवरात्र के हर दिन के मुताबिक रंगों के कपड़े पहनें.

इस बार नवरात्र 21 सितंबर से शुरु हो रहे हैं. नवरात्र में हर दिन मां दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है. इनकी पूजा विधी भी अलग होती है. नवरात्र का पहला दिन मां शैलपुत्री, दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी, तीसरे दिन मां चंद्रघंटा, चौथे दिन मां कूष्मांडा, पांचवे दिन मां स्कंदमाता, छठे दिन मां कात्यानी, सातवां दिन मां कालरात्रि, अष्टमी के दिन महागौरी और आखिरी यानि नवमी को मां सिद्धदात्री की पूजा की जाती है.

ये नवरात्र आपके लिए और भी लाभकारी हो सकता है, यदि आप पूजा के साथ नवरात्र के हर दिन के मुताबिक रंगों के कपड़े पहनें.

नवरात्र के पहले दिन पीला कपड़ा पहनना शुभ होगा. ये कलर आजकल ट्रेंड में भी है. नवरात्र के दूसरे दिन हरा रंग आपको लाभ देगा. आप हरे रंग के किसी भी शेड के कपड़े पहन सकते हैं. हरा रंग शांति का प्रतीक है. यह रंग मनुष्य को किसी भी परिवेश के साथ जूझने का आत्मबल प्रदान करता है. हरा रंग मनुष्य को मित्रता बढ़ाने में सहायता करता है.

तीसरे दिन ग्रे रंग के कपड़े पहनना आपके लिए शुभ होगा. ये कलर वैसे तो थोड़ा डल माना जाता है, लेकिन इसे आप गोल्डन या सिल्वर ज्वैलरी के साथ कैरी करेंगी तो ड्रेस सुंदर लगेगी. वहीं लड़के इस कलर को क्रीम या डार्क कलर के किसी पैंट के साथ कैरी कर सकते हैं. नॉर्मल डैनिम के साथ भी ये कलर अच्छा लगेगा.

चौथे दिन सफलता और शालीनता को दर्शाता नारंगी रंग पहनें. नवरात्र के पांचवे दिन सफेद रंग पहनना अच्छा होता है. इस रंग की धार्मिक मान्यता भी है. ब्रह्मा जी को सफेद रंग प्रिय है. ब्रह्मा जी सफेद वस्त्र धारण करते हैं, जो इस बात को प्रमाणित करते हैं कि ब्रह्म, यानी ईश्वर सभी लोगों के प्रति समान भाव रखते हैं. सफेद रंग पारदर्शिता और कोमलता का भी प्रतीक है.

नवरात्र में छठा दिन मां कात्यानी का दिन होता है. इस दिन अगर लाल रंग पहना जाए तो वो बहुत ही शुभ होगा. यह रंग सफलता, उत्साह, शक्ति, सौभाग्य एवं ताकत को दर्शाता है. जिन लोगो को यह रंग पसंद होता है वे विशाल हृदय के स्‍वामी, उदार उत्‍तम वयक्तित्‍व गुणों वाले होते हैं.

सातवे दिन नीला रंग शुभ है. मनोविज्ञान के अनुसार नीला रंग दृढ़ता, साहस, शौर्य के साथ ही गंभीरता को भी दर्शाता है. गरबा करने जाएं तो हल्‍के नीले रंग के कपड़े पहने. हल्का नीला रंग शरीर को ठंडा रखता है. नवरात्र के आठवें दिन यानि अष्टमी को गुलाबी रंग पहनना शुभ होता है. गुलाबी रंग सौभाग्य का प्रतीक है,गहरा गुलाबी रंग स्त्रीत्व और उत्सव को दर्शाता है.

बैंगनी रंग नवमी के लिए शुभ रंग माना जाता है. ये रंग शक्ति और विलासता का प्रतीक माना जाता है. बैंगनी ठंडे प्रभाव का रंग है. इस रंग से गुस्सा और चिड़चिड़ापन भी कम होता है. जो घर में सुख-शांति बढ़ाते हैं.

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