फैशन डिजाइनर बना रहे हैं इस साल मां दुर्गा की पोशाक

आस्था

कोलकाता की दुर्गा पूजा की भव्यता दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं, लेकिन इस बार भव्यता के साथ मां की प्रतिमा और पंडालों में फैशन का रंग भी देखने को मिलेगा. बड़े बजट वाली दुर्गा पूजा आयोजन समितियां इस बार मां दुर्गा और अन्य प्रतिमाओं की पोशाक तैयार करवाने के लिए प्रतिष्ठित फैशन डिजाइनरों से संपर्क कर रही हैं.

इस बार नया चलन स्थापित करने और दूसरे दुर्गा पंडालों तथा प्रतिमाओं से ज्यादा कलात्मक दिखने के लिए यह प्रयास किए जा रहे हैं. फैशन डिजाइनर तेजस गांधी समाज सेवी संघ पूजा समिति के लिए प्रतिमाओं के वस्त्र डिजाइन कर रहे हैं. तेजस ने कहा कि मेरे द्वारा तैयार पोशाक प्रकृति की शुद्धता और जीवन की समृद्धि का बेहतरीन संगम होंगी और इस वर्ष की पूजा की थीम सोबूजर ओभिजन हरियाली की खोज के साथ मेल खाएंगे.

विश्व स्तर पर जाने जाने वाले कोलकाता के यह फैशन डिजाइनर कार्तिक, गणेश, लक्ष्मी और सरस्वती की प्रतिमाओं की पोशाक के अलावा राक्षस महिषासुर की पोशाक भी डिजाइन करेंगे. नामचीन फैशन डिजाइनर शारबरी बड़ी संख्या में लोगों को आकर्षित करने वाली पूजा समिति लाल बगान सर्बोजनिन दुर्गा पूजा के लिए थीम की संकल्पना और वस्त्र डिजाइन करने का काम कर रही हैं.

इसके अलावा प्रख्यात फैशन डिजाइनर अग्निमित्रा पॉल भी बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी दर्ज कराने वाली संतोष मित्रा सयर पूजा समिति की प्रतिमाओं के वस्त्र डिजाइन कर रही हैं.

नवरात्रि‍ में क्यों की जाती है मां दुर्गा की रात में पूजन, क्या है महत्व

शारद नवरात्रि का प्रारंभ 21 सितंबर से हो रहा है, इस बार की नवरात्रि में आप ऐसा क्या करें कि आप की मनोकामना पूरी हो इसके लिए पहले से तैयारी कर लें. हम आपको बताएंगे कैसे आप मां दुर्गा की विशेष पूजा करके आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं.

नवरात्रि का महत्व

नवरात्र शब्द से नव अहोरात्रों का बोध करता है, नवरात्रि में शक्ति के नव रूपों की उपासना की जाती है, रात्रि शब्द सिद्धि का प्रतीक है. उपासना और सिद्धियों के लिए दिन से अधिक रात्रियों को महत्व दिया जाता है. इसलिए अधिकतर पर्व रात्रियों में ही मनाए जाते हैं. रात्रि में मनाए जाने वाले पर्वों में दीपावली, होलिकादहन, दशहरा शिवरात्रि और नवरात्रि आते हैं. नवरात्रों के नौ दिनों की रात्रियों को मां दुर्गा की पूजा, उपासना और आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त करने के लिए प्रयोग करना चाहिए.

नवरात्रि में कैसा भोजन करें

नवरात्रि में हल्का, शुद्ध और सात्विक भोजन सब को करना चाहिए. क्योंकि ये ऋतु परिवर्तन का समय है ऐसे में हल्का भोजन सेहत के लिए अच्छा रहता है. वहीं जो लोग व्रत रखते हैं वो फल और व्रत वाले पदार्थ प्रसाद के रूप में ग्रहण करें.

नवरात्रि में रात में क्यों करें पूजन

भारतीय परंपरा में ध्यान, पूजा और आध्यात्मिक चिंतन के लिए शांत वातावरण को जरूरी माना गया है रात में शांति रहती है प्राकृतिक और भौतिक दोनों प्रकार के बहुत सारे अवरोध रात में शांत हो जाते हैं. ऐसे शांत वातावरण में मां दुर्गा की पूजा, उपासना और मंत्र जाप करने से विशेष लाभ होता है और मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है और भक्तों की मनोकामना पूरी होती है.

नवरात्र में भूलकर भी ना करें ये गलतियां, मां हो जाती हैं नाराज

– नवरात्रि में नौ दिन का व्रत रखने वालों को दाढ़ी-मूंछ और बाल नहीं कटवाने चाहिए. इस दौरान बच्चों का मुंडन करवाना शुभ होता है.

– नौ दिनों तक नाखून नहीं काटने चाहिए.

– अगर आप नवरात्रि में कलश स्थापना कर रहे हैं, माता की चौकी का आयोजन कर रहे हैं या अखंड ज्योति‍ जला रहे हैं तो इन दिनों घर खाली छोड़कर नहीं जाएं.

– इस दौरान खाने में प्याज, लहसुन और नॉन वेज बिल्कुल न खाएं.

– नौ दिन का व्रत रखने वालों को काले कपड़े नहीं पहनने चाहिए.

– व्रत रखने वाले लोगों को बेल्ट, चप्पल-जूते, बैग जैसी चमड़े की

– व्रत रखने वालों को नौ दिन तक नींबू नहीं काटना चाहिए.

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