भारी बारिश से बूढ़ी गंडक में उफान, से दुधौरा नदी पर बना बांध टूटा, कई गांव जलमग्न

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तीन दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण बूढ़ी गंडक नदी के साथ उसकी सहायक नदियां में काफी उफान आया हैं. इस वजह से सुगौली और बंजरिया प्रखंड के गांव फिर से बाढ़ की चपेट में आ गये हैं. तेज बारिश के कारण बंजरिया प्रखंड क्षेत्र के फुलवार उत्तरी पंचायत के घोड़मड़वा गांव के समीप दुधौरा नदी का बांध पानी के दबाव से टूट गया. जिसके बाद बंजरिया प्रखंड क्षेत्र में बाढ़ का पानी तेजी से फैलने लगा है. कई गांव जलमग्न हो गए हैं. सड़कों पर पानी के तेज बहाव के कारण आवागमन ठप हो गया है. लोग अपने जैसे-तैसे बाहर निकलने का प्रयास कर रहे हैं, क्योंकि पानी के स्तर में काफी वृद्धि दर्ज की जा रही है.

बता दें कि बूढ़ी गंडक और उसकी सहायक नदियों के जलग्रहण क्षेत्र मे हो रही भारी बारिश के कारण प्रखंड क्षेत्र के प्राय: सभी गांवों में बाढ़ का पानी दोबारा तेजी से फैल रहा है. स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार पिछले 15 दिनों के अंदर इस क्षेत्र में दूसरी बार आई बाढ़ पहले की अपेक्षा ज्यादा पानी लेकर आई है. बंजरिया के अंचल अधिकारी मणि कुमार वर्मा ने निचले इलाकों में बसे लोगों से ऊंचे स्थान पर जाने का आग्रह किया है.

स्थानीय ग्रामीण आदिल राणा और जावेद आलम के अनुसार सिसवनिया जटवा और जनेरवा के निचले इलाके में बसे लोग जटवा मे सिकरहना नदी पर बने पुल पर शरण लेने लगे हैं. गांववालों ने बताया कि बाढ़ पीड़ित शरणार्थियों के लिए किसी प्रकार की सरकारी मदद प्रदान नहीं की जा सकी है. आपदा विभाग के उप समाहर्ता अनिल कुमार ने बताया कि तत्काल एनडीआरएफ के दो वोट बंजरिया प्रखंड में भेजे जा रहे हैं. जिला प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है. आवश्यकता के अनुसार और भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.

ग्रामीण बोले-अधिकारियों ने समय से बांध की मरम्मत नहीं कराई, इस कारण दबाव नहीं झेल पाया. ग्रामीण उमेश यादव, संदेश यादव व कमलेश यादव ने बताया कि पिछले एक माह से हम लोग सीओ व अन्य अधिकारियों से कमजोर बांध की मरम्मत करने की मांग कर रहे है। परन्तु अधिकारियों द्वारा समय पर बांध की मरम्मत नही की गई। जिसके कारण कमजोर बांध पानी के दबाव को झेल नही पाया व बांध टूट गया। बांध टूटने से हजारों हेक्टेयर में लगी धान की फसल को काफी नुकसान पहुंचेगा।

ग्रामीणों के साथ अधिकारियों ने भी मरम्मत कराने का आश्वासन दिया था। बताते चले कि यहां पर मनरेगा से पिछले वर्ष मिट्टी भराई का कार्य किया गया था। परन्तु जून माह में कार्य शुरू होने के कारण बारिश शुरू हो गई। जिसके बाद कार्य पूर्ण नही हो पाया। इस वर्ष मनरेगा द्वारा कार्य जब शुरू किया गया तो मिट्टी नही मिलने का कारण बताकर नही किया जा सका। पीओ मनरेगा संजीव कुमार ने बताया था मिट्टी बाहर से ढुलाई करने की अनुमति वरीय पदाधिकारियों से ली जाएगी। तब ही कार्य शुरू हो पायेगा।

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