पटना के 8 समेत 23 जिलों के 206 प्रखंड सूखाग्रस्त घोषित

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राज्य सरकार ने 23 जिलों के 206 प्रखंडों को सूखाग्रस्त घोषित कर दिया है। सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में यह फैसला हुआ। सूखाग्रस्त क्षेत्रों के किसानों से सहकारिता ऋण, राजस्व लगान व सेस, पटवन शुल्क, विद्युत शुल्क (कृषि से संबंधित) की वसूली वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए स्थगित रहेगी।

यहां फसल को बचाने, वैकल्पिक कृषि कार्य की व्यवस्था करने, रोजगार के साधन उपलब्ध कराने, पशु संसाधनों का सही रख-रखाव करने आदि के लिए जरूरी सहायता कार्य चलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा-कृषि विभाग ने सूखे की स्थिति के लिए जो 3 पैमाना निर्धारित किया है, उसमें से कोई एक भी पूरा करने वाले 23 जिलों के 206 प्रखंडों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है।

यह अब तक की रिपोर्ट के आधार पर है। आगे इस पैमाने पर जो रिपोर्ट आएगी, उस पर अन्य जिलों व प्रखंडों के संबंध में निर्णय होगा। प्रदेश में कुल 38 जिलों में 534 प्रखंड हैं।

फसल की सुरक्षा एवं बचाव के लिए कृषि इनपुट के रूप में डीजल, बीज आदि पर सब्सिडी दी जाएगी। वैकल्पिक फसल योजना तैयार होगी। किसानों को फसल बीमा का लाभ मिलेगा। बीमित किसानों को भी इनपुट सब्सिडी मिलेगी। फसल सहायता योजना का फायदा भी दिया जाएगा।

फसल सहायता योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को 31 अक्टूबर और इनपुट सब्सिडी के लिए 15 नवंबर तक निबंधन कराना होगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, पहले सेे ही धान पर 5, गेहूं पर 4 एवं मक्का पर 3 डीजल सब्सिडी एवं विद्युत आपूर्ति के माध्यम से किसानों को पटवन कार्य में सहयोग दी जा रही है।

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