दिव्यांग महादलित रामलगन सदा के शिल्प और उनके जीवन पर बनी डाक्युमेंट्री फिल्म ‘रामलगन’ का प्रीमियर मंगलवार को विश्व दिव्यांग दिवस के मौके पर किया गया। फिल्म ‘रामलगन’ का प्रीमियर बखरी मिड्ल स्कूल में किया गया, जिसका उद्घाटन पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से किया। प्रीमियर समारोह को संबोधित करते हुए श्री मांझी ने कहा कि राम लगन सदा जैसे महादलित दिव्यांग समाज के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं। उन्होंने अपनी शिल्प कला और मेहनत से यह साबित कर दिया है कि अगर इंसान ठान ले तो कोई भी लक्ष्य मुश्किल नहीं है। उन्होंने डाक्युमेंट्री फिल्म ‘रामलगन’ के निर्माण के लिए डॉ0 रमण कुमार झा की भूरी-भूरी प्रशंसा की और कहा कि ऐसे प्रयासों से ही समाज के वंचित और उपेक्षित प्रतिभाओं को आगे लाया जा सकता है।

फिल्म प्रीमियर कार्यक्रम सह डॉ राजेन्द्र प्रसाद व अमर शहीद खुदीराम बोस की जयंती समारोह को संबोधित करते हुए डॉ0 रमण कुमार झा ने कहा कि रामलगन सदा से उनकी मुलाकात छह साल पहले हुई थी, तभी वह उसकी प्रतिभा को भांप गए थे। उसके बाद ही रामलगन की प्रतिभा को डाक्युमेंट्री के माध्यम से दुनिया के सामने लाने की तैयारी शुरू कर दी थी। यह प्रयास अब आप सभी के सामने है। हमारी कोशिश रहेगी कि यह डाक्युमेंट्री राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म अवार्ड्स समारोह में नामिनेट हो।

इस मौके पर हम (सेक्युलर) के राष्ट्रीय महासचिव सुभाष सिंह परमार ने कहा कि गरीब-वंचित समाज के रामलगन सदा की प्रतिभा को सम्मान दिलाने के लिए वह हर संभव कोशिश करेंगे। सामाजिक कार्यकर्ता विकास वर्मा ने कहा कि रामलगन जैसी प्रतिभा को प्रोफेशनल तरीके से बनाई गई डाक्युमेंट्री के माध्यम से दुनिया के सामने लाने के लिए डॉ0 रमण कुमार झा बधाई के पात्र हैं। इस डॉक्यूमेंटरी से बखरी वासियों का सिर गर्व से ऊंचा हुआ है। इस मौके पर उपस्थित लोगों ने देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेन्द्र प्रसाद और अमर शहीद खुदीराम बोस को उनकी जयंती पर याद किया गया और उनके तैलचित्र पर माल्यार्पण किया गया।

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