कांस्टेबल से सीधा ACP पद पर लगाई छलांग…अधिकारियों को देखकर खुद बने IPS अधिकारी फिरोज आलाम की कहानी

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Patna: जीवन में कुछ कर गुजरने की ठान लेने के साथ बुलंद होंसले और उसके साथ ही लगन से की गई मेहनत आखिरकार रंग लाती ही है। इसका जीता जागता उदाहरण दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल के पद पर तैनात फिरोज आलम ने यूपीएससी की परीक्षा को पास करके दिया है। फिरोज आसम आज की युवा जनरेशन एक ऐसा नाम है जिन्होनें कामयाबी की सीढ़ी चढ़ने के लिए कई बार असफलताओं का सामना भी किया लेकिन  देश की सेवा और खाकी के प्रति लगाव के सपने को साकार करने के लिए कड़ी मेहनत कर यूपीएससी की परीक्षा को पास किया।

कांस्टेबल से बने सीधा एसीपी

IPS फिरोज आलम जो कभी बतौर कांस्टेबल के पद पर तैनात अपने वरीष्ठ अधिकारियों को सलाम ठोकते थे आज वह खुद महकमें में एसीपी के पद पर तैनात रहते हुए सलाम लेते हैं। फिरोज न  दिल्ली पुलिस में बतौर कांस्टेबल के पद पर रहते हुए अपनी मेहनत और लगन से यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी कर उसे पास किया। शायद यही कैरण भी रहा है फिरोज के लिए जगह भी वही दिल्ली है जहां वह कभी कॉस्टेबल हुआ करते थे और ड्रेस भी वही खाकी है लेकिन अब इस वर्दी का रीतबा और कद दोनों ही बढ़ गया है। क्योंकि जो फिरोज आलम दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल हुआ करता था वो अब आईपीएस अधिकारी बन चुके है।

फिरोज आलम बने एसीपी

आपको बता दें कि फिरोज आलम दिल्ली पुलिस में कॉन्स्टेबल से सीधा एसीपी पद के अधिकारी बने हैं दरअसल यदि वह यूपीएससी की परीक्षा नहीं देते तो ऐसे में इनको कॉन्स्टेबल के बाद हेड कॉन्स्टेबल, एएसआई, एसआई, इंस्पेक्टर के बाद एसीपी बनाया जाता वो भी उनके कार्यों को देखते हुए। चार बार प्रमोशन पाने में शायद आलम की नौकरी भी पूरी हो जाती। लेकिन फिरोज ने रात दिन महनत के बस पर अपनी मेहनत के बल पर यूपीएससी परीक्षा क्रेक कर कांस्टेबल से सीधा एसीपी नियुक्त किए गए। 

फिरोज को मिला डीएएनपी कैडर 

आईपीएस बनने के लिए यूपीएससी की परीक्षा पास कर फिरोज दिल्ली पुलिस कांस्टेबल के पद से रिलीव होकर बतौर ट्रेनी आईपीएस दिल्ली पुलिस फिर से ज्वाइन किया। क्योंकि इन्हें यूपीएससी पास करने के बाद आईपीएस के रूप में दिल्ली, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह पुलिस सेवा (DANP) कैडर मिला है। जिसके तहत आलम को दिल्ली में ही बतौर एसीपी पोस्टिंग मिली है।

अपना आखिरी खत फेसबुक पर किया था शेयर

31 मार्च 2021 फिरोज आलम का दिल्ली पुल्स महकमें में बतौर कांस्टेबल आखिरी दिन था। अपने लास्ट वर्किंग डे के मौके पर फिरोज आलम ने दिल को छू जाने वाला एक खत लिखा। इसे फिरोज ने अपनी फेसबुक आईडी पर भी शेयर किया। फिरोज ने उसमें लिखा था कि दस जून 2010 को कांस्टेबल के रूप में दिल्ली पुलिस ज्वाइन करने से लेकर अब आईपीएस बनने तक का पूरा सफर तय हुआ। इसके लिए फिरोज ने दिल्ली पुलिस के साथियों और अपने सीनियर अधिकारियों को थैंक्स भी बोला। 

यूपी के निवासी है फिरोज आलम

कांस्टेबल से आईपीएस बनने वाले फिरोज आलम मूलरूप से यूपी में हापुड़ जिले के गांव आजमपुर दहपा पिलखुवा कोतवाली पुलिस थाना इलाके के रहने नाले हैं। कबाड़ी मोहम्मद शहादत व मुन्नी बानो के घर जन्मे फिरोज आलम ने 12वीं पास कर 2010 में दिल्ली पुलिस में बतौर कांस्टेबल पद पर भर्ती हुए थे। फिरोज आलम के 5 भाई व 3 बहन हैं।

अफसरो को देखकर चाहा मैं भी बनु अफसर

फिरोज के मुताबिक साल 2010 में दिल्ली पुलिस ज्वाइन करने के बाद अपने सीनियर अफसरों के कामकाज के तरीके और उनके रुतबे से वह काफी प्रभावित हुए। अधिकारियों को देखकर ही उन्होनें मन में ठान लिया कि वह भी एक अफसर बनेंगे। और यहां तक पहुंचने का एकमात्र जरिया है यूपीएससी पास करना। ऐसे में इन्होने कांस्टेबल की नौकरी के साथ यूपीएससी की तैयारियां भी साथ में शुरू कर दी थी।

दिल्ली पुलिस को लिखा धन्यवाद पत्र

बता दें कि फिरोज आलम आईपीएस बनते ही दिल्ली पुलिस को एक खत लिया जिसमें उन्होने लिखा कि मैं फिरोज आलम 10/06/2010 को दिल्ली पुलिस में भर्ती हुआ। आज दिल्ली पुलिस में एक कांस्टेबल के रूप में मेरा आखिरी कार्य दिवस है, लेकिन मैं हमेशा इस परिवार का हिस्सा बना रहूंगा। मैं सिर्फ उन सभी समर्थन और मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद और सराहना करना चाहता हूं जो आपने मुझे पिछले 10 वर्षों में प्रदान किए हैं। 

अधिकारियों के काम, जुनून और प्रतिबद्धता से मिला हौंसला

फिरोज आलम के मुताबिक 10 साल तक दिल्ली के कई थानों मे बतौर कॉस्टेबल काम किया। इस दौरान काम करते हुए मुझे व्यापक अनुभव, समाज के विभिन्न वर्गों के संपर्क में आने का अवसर मिला। कांस्टेबल मेरी पहली नौकरी थी। शायद ही दुनिया का कोई भी व्यक्ति अपनी पहली नौकरी भूल सकता।  दिल्ली पुलिस में अधिकारियों के काम काज और जुनून व प्रतिबद्धता ने मुझे सिविल सेवाओं की तैयारी के लिए प्रेरित किया।

Source: Police Media

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