मुंगेर या भागलपुर के DIG बनाए जा सकते हैं बिहार के सिंघम, 15 दिसंबर तक हो जाएगी एंट्री

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Patna: सुपरकॉप के नाम से मशहूर आईपीएस अफसर शिवदीप लांडे पांच साल के डेपुटेशन ड्यूटी के बाद वापस बिहार लौट कर आ रहे हैं. शिवदीप लांडे दिसंबर के पहले सप्ताह से एक बार फिर राज्य में अपना योगदान देने लगेंगे. बिहार पुलिस में ऐसे कई अफसर हैं जिनका नाम और चेहरा लोगों को बखूबी याद है. इन्हीं में से एक अधिकारी है बिहार कैडर के आईपीएस शिवदीप लांडे. वर्तमान में वो अपने गृह राज्य महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में पुलिस क्राइम ब्रांच में डीआईजी के पद पर पोस्टेड हैं. पटना में सिटी एसपी रहने के अलावा शिवदीप लांडे अररिया और रोहतास में भी पुलिस अधीक्षक रह चुके हैं.

पटना में सिटी एसपी रहने के दौरान शिवदीप लांडे ने ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर नकली सामान बनाने वालों के खिलाफ, जाली नोट छापने वालों के खिलाफ, नकली दवा बेचने वालों के खिलाफ मुहिम चलाकर हड़कंप मचा दिया था. पीएमसीएच के पास अशोक राजपथ पर स्थित एक कपड़ा शोरूम के मालिक की हत्या के बाद जब अपराधियों के भय से दुकानें बंद थी तब उन्होंने उसे दबोच कर पीएमसीएच गेट पर जमकर धुनाई की थी. इसके बाद इलाके की सारी दुकानें खुल गई थी.

रोहतास में तैनाती के दौरान बालू और पत्थर माफियाओं के खिलाफ शिवदीप लांडे ने विशेष मुहिम चलाकर सरकार के राजस्व की क्षति होने से बचाया था. यही नहीं, उन्होंने कई पत्थर माफियाओं के विरुद्ध कार्रवाई कर उन्हें जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया था. वहीं, अररिया में पोस्टिंग के दौरान एसपी शिवदीप लांडे के कई कामों को जिले के लोग याद करते हैं. वो यहां चर्चा में तब आये थे जब मुंगेर में ट्रेनी आईपीएस होने के दौरान पत्थर माफियाओं ने हमला कर उन्हें जख्मी कर दिया था. लेकिन इसके बावजूद वो इन माफियाओं पर भारी पड़े थे.

मुंबई में क्राइम ब्रांच में डीआईजी के पद पर काम करते हुए भी शिवदीप लांडे ने कई उपलब्धियां हासिल की. नारकोटिक्स विभाग की जिम्मेवारी को संभालते हुए लांडे ने नशे के सौदागरों को जमकर सबक सिखाया था. पांच साल बाद बिहार वापस लौट रहे आईपीएस शिवदीप लांडे को सरकार क्या जिम्मेदारी सौंपेगी, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं.

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