बिहार से जा रहे DIG मनु महाराज! सरकार ने 3 IPS को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने की दी सहमति

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Patna: बिहार सरकार ने राज्य के तीन आईपीएस अफसरों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने की सहमति दे दी है. इनमें बीएमपी के डीजी आरएस भट्टी, एडीजी कुंदन कृष्णन और सारण के डीआईजी मनु महाराज का नाम शामिल है. 1994 बैच के अधिकारी कुंदन कृष्णन राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में संयुक्त सचिव बनाए गए हैं. तीन साल के लिए उनकी प्रतिनियुक्ति की गई है.

आईपीएस अफसर कुंदन कृष्णन बिहार में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं. पटना के एसएसपी के अलावा वह जोनल आईजी पटना भी रहे. फिलहाल एडीजी बिहार में कुंदन कृष्णन सिविल डिफेंस में थे. गृह विभाग ने अधिसूचना जारी कर यह जानकारी दी है. सूत्रों की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक राज्य सरकार ने दो और बड़े अफसरों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने की सहमति दी है. कुंदन कृष्णन की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति को लेकर बिहार सरकार की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है. लेकिन मनु महाराज और आईपीएस आरएस भट्टी को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है. 

पिछले साल बिहार बीएमपी के डीजी बने राजविंदर सिंह को भी सरकार ने केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने की सहमति दी है. 1990 बैच के आईपीएस अफसर आरएस भट्टी इससे पहले बीएमपी के एडीजी थे. प्रमोशन मिलने के बाद इन्हें सरकार ने बीएमपी के महानिदेशक की जिम्मेदारी सौंप दी. आपको बता दें कि बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय के वीआरएस लेने के बाद आरएस भट्टी भी नए डीजीपी की रेस में थे. हालांकि बाद में आईपीएस एसके सिंघल बिहार पुलिस के मुखिया बने, जो गुप्तेश्वर पांडेय के जाने के बाद इस पद की अतिरिक्त जिम्मेदारी संभाल रहे थे.

बिहार सैन्य पुलिस के एडीजी रहे आईपीएस आरएस भट्टी को प्रोन्नति देते हुए बीएमपी का डीजी बनाया गया था. इससे पहले आईपीएस आरएस भट्ठी कई बड़े पदों की जिम्मेदारी संभाल चुके थे. ये पटना, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर आदि जिलों में एसपी थे. तब अपने कारनामे काफी चर्चित थे. पटना में एक बार इन्‍होंने लालू प्रसाद यादव की गाड़ी रोक ली थी. इतना ही नहीं ये मजनूओं के खिलाफ काफी अभियान चलाते थे. सड़क पर लड़कियां छेड़ते पकड़े जाने पर ये लड़के का बाल काट देते थे. 

बताया जा रहा है कि बिहार के चर्चित आईपीएस अधिकारी और वर्तमान में सारण रेंज के डीआईजी मनु महाराज भी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जा रहे हैं. बिहार सरकार ने इसकी सहमति दे दी है. मनु महराज भारतीय पुलिस सेवा 2005 के आईपीएस अफसर हैं. सारण रेंज के डीआईजी बनने से पहले मनु महाराज मुंगेर के डीआईजी रह चुके हैं. मनु महराज पटना और दरभंगा के सीनियर एसपी भी रह चुके हैं.

राजधानी पटना में सीनियर एसपी रहने के दौरान मनु महाराज काफी चर्चा में रहें. आये दिन मीडिया में ये छाए रहते थे. पटना में एसएसपी रहने के दौरान इन्होंने कई मामलों का खुलासा किया. बताया जाता है कि मनु महाराज जब पटना में थे, तब शहर के बड़े-बड़े क्रिमिनल और गुंडे इनसे कांपते थे. पटना में एसएसपी रहने के बाद जब इनका डीआईजी के पद पर प्रमोशन हुआ तो इन्हें 1 जनवरी 2019 को बिहार सरकार ने के पटना से मुंगेर भेज दिया. मुंगेर में डीआईजी रहने के बाद इनका तबादला सारण कर दिया गया. मनु महाराज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सबसे विश्वसनीय ऑफिसर में से एक हैं.

बिहार के काफी तेज तर्रार और सुपरकॉप अफसरों में शुमार मनु महाराज का जन्म 20 अक्टूबर 1974 को हिमाचल प्रदेश के शिमला में हुआ था. इन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा शिमला में ही पूरी की. जिसके बाद इन्होने आईआईटी रुड़की से बी.टेक में स्नातक पूरा किया. जिसके बाद इन्होने दिल्ली के जवाहर नेहरु विश्वविद्यालय से पर्यावरण में मास्टर डिग्री पूरी की. इसके साथ ही वे सिविल सर्विसेस की तैयारी भी कर रहे थे. इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद मनु महाराज ने यूपीएससी की तैयारी शुरू की. इसी दौरान जेएनयू में एन्वायरन्मेंटल साइंस में पीजी किया. 2005 में यूपीएससी क्लियर कर आईएएस रैंक मिली, इसके बावजूद मनु ने आईपीएस को चुना. दरअसल, मनु महाराज एक IPS अफसर बनाना चाहते थे.

Source: First Bihar

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