विधान परिषद की एक भी सीट न मिलने पर छलका जीतन राम मांझी का दर्द, जानिए क्या बोले

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पटना: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने कहा कि राज्यपाल कोटे के तहत विधान परिषद की एक भी सीट नहीं दिए जाने से थोड़ी निराशा तो हुई, परंतु किसी तरह का कोई शिकवा-शिकायत नहीं है। .

महागठबंधन में शामिल होने के बाद एक मंत्री पद और एक एमएलसी की सीट की मांग की थी। जिसमें एक मंत्री दिया गया। ये बातें उन्होंने शुक्रवार को हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा की कार्यकर्ताओं की बैठक के पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहीं।

उन्होंने कहा कि किसी विशेष परिस्थिति के कारण मोर्चा को विधान परिषद की एक सीट देने में किसी प्रकार की परेशानी आई होगी। जिसके कारण यह नहीं हो सका। उन्होंने पिछले चुनाव के समय राजद के पार्टी नेतृत्व की कार्यशैली की आलोचना करते हुए कहा कि मैं महागठबंधन को छोड़ कर महागठबंधन में शामिल हुआ था। एनडीए में शामिल होकर सतुंष्ट हूं। सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार की एनडीए सरकार विकास का काम तेजी से कर रही है। विधानसभा में विपक्ष की अटपटे सवाल व कारवाई की आलोचना की।

स्थानीय परिसदन में शुक्रवार को मोर्चा के जिला स्तरीय कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। इस दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मोर्चा के नीति सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाने और पार्टी को मजबूत बनाने का निर्देश दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं के कई महत्पूर्ण निर्देश भी दिए। पार्टी की नई गाइडलाइन से अवगत भी कराया। बैठक की अध्यक्षता मोर्चा के जिलाध्यक्ष ने की। इस मौके पर प्रवीण कुशवाहा को युवा प्रकोष्ठ का जिलाध्यक्ष मनोनीत किया गया। शिवानी कांत ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

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