धोनी हमेशा आते हैं माँ के इस दरबार में , कहते हैं- मां की मुझ पर है अपार कृपा

आस्था

आज से नवरात्रि की शुरुआत हो गई है। इसी मौके पर हम आपको बता रहे हैं रांची स्थित सोलहभुजा दुर्गा दिवड़ी मंदिर के बारे में।

महेन्द्र सिंह धोनी अपने होम टाउन रांची जब भी आते हैं वो कहीं जाए ना जाए पर इस मंदिर में जरूर हाजिरी लगाते हैं।

धोनी अपने हर महत्वेपूर्ण मैच से पहले यहां जरूर आते हैं। भारतीय क्रिकेट में सिलेक्शेन से पहले से ही धोनी यहां पूजा करने आते रहे हैं।

पिछले दिनों ही महेंद्र सिंह धोनी की पत्नी साक्षी धोनी दिवड़ी मंदिर आईं थीं।

महेंद्र सिंह धोनी के यहां आने से इस मंदिर का नाम देश-विदेश तक हो गया है। यह मंदिर काफी फेमस हो गया है। यहां भक्तों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है।

आठ साल पहले यहां मंगलवार और रविवार को 400-500 भक्त आते थे, पर अब आम दिनों में उनकी संख्या बढ़कर 4,000 से 5,000 हो गई है।

कहा जाता है कि मंदिर में स्थि त मां सोलहभुजा मां दुर्गा ने धोनी और उनके परिवार की हर कदम पर सहायता की है। क्रिकेट से समय मिलते ही धोनी यहां जरूर आते हैं।

साल 2011 में वर्ल्ड कप में जीत की दुआ मांगने और जीत मिलने के बाद आभार जताने और दिसंबर 2009 में अपने करियर के शानदार पांच साल पूरे होने पर धोनी ने यहां विशेष पूजा की थी।

रांची के दिवड़ी मंदिर में बड़े-बड़े खिलाड़ी आ चुके हैं। यहां इंडियन क्रिकेट टीम के हरभजन सिंह, शिखर धवन व उनकी पत्नी आयशा और बिहार के एक्सह सीएम लालू प्रसाद यादव भी देवी के दर्शन के लिए आ चुके हैं।

धोनी साक्षी के साथ शादी करने के बाद आशीर्वाद लेने भी इस मंदिर में आए थे। अपने खेल जीवन के शुरुआती दिनों से ही धोनी मंदिर में पूजा के लिए आ रहे हैं।

उनकी मां दिउड़ी में गहरी आस्था है, इसीलिए जब भी रांची में होते हैं, मंदिर जरूर आते हैं। रांची में कांची और कारकरी नदी के तटीय भागों में अनेक पौराणिक मंदिर हैं।

कहा जाता हैं कि पालवंश काल में अर्थात् 770-850 ई. के मध्य यहां अनेक मंदिर बनवाए गए थे।

तमाड़ से 3 किमी दूर देवड़ी गांव में स्थित मंदिर के कारण ही गांव का नाम दिवड़ी हो गया हैं। यहां 16 भुजी देवी की मूर्ति है।

देवी की मूर्ति के ऊपर शिव की मूर्ति है, अगल-बगल में सरस्वती, लक्ष्मी, कार्तिक, गणेश की मूर्तियां हैं।

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