देर से आफिस आने वाले सरकारी कर्मचारी हो जाएं सतर्क, बिहार सरकार ने बनाया पहचान का प्लान

जानकारी

राज्य के सरकारी कार्यालयों में देर से आने वाले अफसर और कर्मचारी अब आसानी से चिह्नित किए जा सकेंगे। सचिवालय की तर्ज पर राज्य के सभी जिलों के सरकारी कार्यालयों में भी एक जून से बायोमेट्रिक हाजिरी बनाना होगा। संविदा पर तैनात कर्मियों को भी बायोमेट्रिक हाजिरी लगानी होगी। राज्य के मुख्यालय स्थित कार्यालयों (सचिवालय व निदेशालय) जहां पहले से बायोमेट्रिक सुविधा है, वहां अब आधार आधारित बायोमेट्रिक हाजिरी की व्यवस्था की जा रही है। इस बाबत गृह विभाग ने सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव, पुलिस महानिदेशक, सभी विभागाध्यक्ष, सभी जिलों के प्रमंडलीय आयुक्त, जिलाधिकारी, रेंज आइजी-डीआइजी व पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिखा है।

  • 05 मई तक बायोमेट्रिक उपकरणों की करनी है खरीद
  • 20 मई तक बायोमेट्रिक उपकरणों को करना है इंस्टाल
  • 01 जून से सभी क्षेत्रीय कार्यालयों में बनेगी बायोमेट्रिक हाजिरी

19 अप्रैल को दिया जाएगा प्रशिक्षण 

सरकारी कार्यालयों में बायोमेट्रिक हाजिरी के लिए पिछले दिनों मुख्य सचिव की अध्यक्षता में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक भी हुई थी। इसके बाद ही सभी वरीय अधिकारियों व विभागाध्यक्षों को पत्र लिखा गया है। जिन सरकारी कार्यालयों में पहली बार बायोमेट्रिक उपस्थिति की व्यवस्था की जा रही है, उनके लिए 19 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे से प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की गई है। इसमें क्षेत्रीय कार्यालयों में बायोमेट्रिक हाजिरी के नोडल पदाधिकारी, मास्टर ट्रेनर, सभी विभागों के आइटी मैनेजर व बेल्ट्रोन के अधिकारी शामिल होंगे।

40 कर्मियों पर एक बायोमेट्रिक उपकरण

सरकारी कार्यालयों में अधिकतम 40 कर्मियों पर एक बायोमेट्रिक उपकरण का आकलन किया गया है। उपकरणों की खरीद की जिम्मेदारी जिलों के क्षेत्रीय कार्यालयों को ही दी गई है। इसके लिए तीन मानक वाले उपकरण चिन्हित कर उनका माडल बता दिया गया है। सभी क्षेत्रीय कार्यालयों के नोडल पदाधिकारियों को अपने-अपने कार्यालय के सभी सरकारी पदाधिकारी एवं कर्मियों की दस उंगलियों का फिंगर प्रिंट समय से लेकर पंजीकरण की व्यवस्था करने को कहा गया है।

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