डेंगू का डंकः गर्भ में पल रहे बच्चे को भी खतरा, प्रेगनेंट महिलाएं बरतें सावधानी; ऐसे करें बचाव

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बिहार में डेंगू का प्रसार बढ़ता जा रहा है। राज्य के सभी जिलों में डेंगू अपने पांव पसार रहा है। हर आयु वर्ग के लोग इस बीमारी की चपेट में आकर बीमार हो रहे हैं। डॉक्टरों का मानना है कि डेंगू प्रेगनेंट महिलाओं के गर्भ को भी नुकसान पहुंचा सकता है। पीएमसीएच की स्त्री एवं प्रसूती रोग विभाग की डॉ. अमृता राय ने बताया कि डेंगू में तेज बुखार होता है। गर्भावस्था में तेज बुखार गर्भ को प्रभावित कर सकता है। गर्भावस्था की प्रारंभिक अवस्था में हाई फीवर होने से मिसकैरेज (गर्भपात) होने की आशंका बढ़ जाती है। वहीं लेट प्रेगनेंसी की अवस्था में तेज बुखार होने से पीड़ित प्री टर्म पेसेंट प्री टर्म लेबर में भी जा सकती हैं।

डॉ अमृता राय कहती हैं कि डेंगू शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या को कम कर देता है। गर्भवती महिलाओं के शरीर में प्लेटलेट्स कम होने की वजह से ब्लीडिंग की समस्या भी बढ़ जाती है। मरीज को स्पाइनल एनेस्थीसिया भी नहीं पड़ सकता। डेंगू से बुखार आने पर मां के साथ बच्चा भी प्रभावित हो सकता है। तेज बुखार के कारण मरीज को डिहाइड्रेशन हो जाता है। इससे प्रसव के समय बच्चे की धड़कन बढ़-घट सकती है। डॉ राय बताती हैं कि प्रारंभिक गर्भावस्था में यदि किसी महिला को डेंगू होता है तो एन्टीबॉडी, प्लेसेंटा के माध्यम से बच्चे में चला जाता है। इस वजह से बच्चे के स्वास्थ्य बर बहुत हानिकारक प्रभाव पड़ता है।

गर्भवती महिलाएं कैसे करें डेंगू से बचाव

डेंगू से बचने के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें
बुखार हो तो खूब पानी पीएं
पोषक तत्वों को आहार में शामिल करें
बुखार होने पर पारासीटामॉल का सेवन करें
प्लेटलेट्स काउंट पर नजर रखें
समय-समय पर अल्ट्रासाउंड करा बच्चे की मॉनीटरिंग कराते रहें

कैसे समझें कि डेंगू हो गया

आमतौर पर डेंगू में 104 फॉरेनहाइट डिग्री तक का तेज बुखार होता है। लेकिन किशोरों और बच्चों में इस बीमारी की आसानी से पहचान नहीं की जा सकती। डेंगू पीड़ित लोगों में बुखार के साथ इनमें से कम से कम दो लक्षण अमूमन होते ही हैं।

सिर दर्द 

मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों में दर्द

जी मिचलाना

उल्टी लगना

आंखों के पीछे दर्द

ग्रंथियों में सूजन

पटना के इन अस्पतालों में है जांच की सुविधा

डेंगू के लक्षणों के साथ बीमार होने पर तुरंत जांच कराना अनिवार्य है। पटना में इन अस्पतालों में जांच की सुविधा दी गई है।  पीएमसीएच के अलावे  एनएमसीएच, आईजीआईएमएस, पटना एम्स और राजेन्द्र स्मारक चिकित्सा विज्ञान अनुसंधान संस्थान अगमकुआं पटना में भी जांच की सुविधा उपलब्ध है।

 

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