दरभंगा आयुर्वेद कालेज में अगले साल से शुरू हो सकती है पढ़ाई, अगला नंबर भागलपुर का होगा

जानकारी

बिहार सरकार प्राथमिकता के आधार पर देसी चिकित्सा को विकसित करने की दिशा में प्रयासरत है। इसी कड़ी में विभाग ने वर्षों से बंद सरकारी आयुर्वेद चिकित्सा कालेज अस्पतालों में पढ़ाई शुरू कराने की पहल की है। बंद संस्थानों में दरभंगा आयुर्वेद कालेज भी आता है। इस संस्थान में अगले शैक्षणिक सत्र से पढ़ाई प्रारंभ करने के प्रयास शुरू हो गए हैं। बंद होने के पूर्व तक दरभंगा आयुर्वेद कालेज में बीएसएमएस की 30 सीटों पर नामांकन होता था। परंतु बाद के दिनों में सेंट्रल काउंसिल आफ इंडियन मेडिसिन ने इस कालेज की मान्यता शिक्षकों की कमी और आधारभूत संरचना के अभाव में रद कर दी।

दरभंगा आयुर्वेद कालेज में अगले सत्र से पढ़ाई संभव इस संस्थान में वर्षों से ठप है पठन-पाठन शिक्षक-डाक्टरों की कमी दूर करने के प्रयास

वर्षों से बंद दरभंगा आयुर्वेद कालेज-अस्पताल में एक बार फिर पढ़ाई और इलाज प्रारंभ हो इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक ओर जहां शिक्षकों की कमी दूर करने की कोशिश शुरू कर दी है, वहीं मंत्रिमंडल की सहमति के बाद विभाग आधारभूत संरचना विकास के लिए बड़ी रकम जारी करने की प्रक्रिया में है। दरभंगा के साथ-साथ बेगूसराय आयुर्वेद कालेज अस्पताल में दो-दो नए भवन बनाए जाएंगे। दरभंगा में पढ़ाई शुरू होने के बाद राज्य में तीन संस्थान हो जाएंगे जहां आयुर्वेद की पढ़ाई हो रही है। अभी पटना और बेगूसराय आयुर्वेद कालेज में पढ़ाई हो रही है। दरभंगा के बाद अगले चरण में भागलपुर आयुर्वेद कालेज अस्पताल की मान्यता के प्रयास होंगे।

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री मंगल पांडेय ने बताया कि देसी चिकित्सा के प्रति लोगों का रुझान बढ़ा है। इस वजह से हाल ही में मंत्रिमंडल ने आयुर्वेद संस्थानों को मजबूत करने के इरादे से आठ अरब रुपये से अधिक की राशि मुहैया कराई है। हमारी कोशिश है कि पटना-बेगूसराय के साथ दरभंगा और भागलपुर आयुर्वेद कालेज अस्पातल में पढ़ाई और इलाज प्रारंभ हो।

Leave a Reply

Your email address will not be published.