साइबर अपराध में लिप्त सात युवक पकड़ाए, रोह थाना क्षेत्र के गेवाली गांव से हुई गिरफ्तारी, भेजे गए जेल

जानकारी

रोह थाना क्षेत्र में बुधवार को की गई छापेमारी में सात साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। सभी को गुरुवार को जेल भेज दिया गया। पुलिस अधीक्षक डीएस सावलाराम द्वारा गठित विशेष टीम ने बुधवार को गेवाली गांव के बधार से गिरफ्तारी की।अधिकांश साइबर अपराधी युवा वर्ग के हैं।इनके द्वारा फोन पर लोगों को ऋण दिलाने और नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी की जा रही थी। सूचना मिलने पर कार्रवाई की गई।

कुछ अपराधी भागने में सफल रहे

गेवाली गांव निवासी बासुदेव महतो के पुत्र रामखेलावन कुमार, रामवृक्ष प्रसाद के पुत्र अनोज कुमार, अर्जुन प्रसाद के पुत्र शांतनु कुमार, विशेश्वर प्रसाद के पुत्र अनुजीत कुमार एवं समरैठा गांव निवासी मथुरा प्रसाद के पुत्र अजीत कुमार, रंजीत यादव के पुत्र कौशल कुमार, राजेंद्र प्रसाद यादव के पुत्र नालेज कुमार की गिरफ्तारी हुई। जबकि कुछ अपराधी भागने में सफल रहे

छह मोबाइल के अलावा ठगी में प्रयुक्त विभिन्न प्रकार के दस्तावेज बरामद

गिरफ्तार लोगों के पास से छह मोबाइल के अलावा ठगी में प्रयुक्त विभिन्न प्रकार दस्तावेज बरामद किया गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक पकड़े गए अपराधियों ने पूछताछ के दौरान कोई खास जानकारी नहीं दी। पुलिस का अनुसंधान आगे भी जारी है। गिरफ्तार आरोपित समरीगढ़ पंचायत के गेवाली गांव के बधार में एक पइन के समीप बांस तथा पीपल वृक्ष के बगीचे में मोबाइल के माध्यम से लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। छापेमारी में रोह थाना के साथ कादिरगंज ओपी, धमौल ओपी एवं नवादा पुलिस केंद्र के अधिकारी व जवान शामिल थे।

कम समय में काफी संपत्ति अर्जित कर चुके अपराधी

बता दें कि जिले के वारसलीगंज, पकरीबरावां, रोह इन सभी थाना क्षेत्र साइबर अपराधियों का अड्डा बन चुका है। ठगी के मामले में हर माह दूसरे प्रदेश की पुलिस भी इन इलाके में आती रहती है। इस इलाकों में साइबर ठगी का धंधा पुलिस का सिर दर्द बनता जा रहा है। साइबर अपराधी कम समय में काफी संपत्ति अर्जित कर चुके हैं। आम लोगों की मानें तो जिनके पास चलने के लिये साइकिल तक नहीं थी और थोड़े ही दिनों में कई वाहनों के मालिक बन बैठे।

रोह प्रखंड क्षेत्र के कई इलाका साइबर अपराधियों का बना हब

थानाध्यक्ष रविभूषण ने बताया की स्थानीय ग्रामीणों का सहयोग मिलेगा तो इस तरह के ठगी का शिकार होने से लोगों को बचाया जा सकता है। बता दें कि रोह प्रखंड क्षेत्र के कई इलाका साइबर अपराधियों का हब बना है। हाल के दिनों में दूसरे राज्यों की पुलिस द्वारा भी कार्रवाई की गई है। बावजूद साइबर अपराध कम होने का नाम नहीं ले रहा है।

 

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