CRPF soldier arreseted

CRPF जवान को PM के खिलाफ FB पोस्ट लिखने पर किया गिरफ्तार, सदमे में था भाई के शहीद होने से ..

राष्ट्रीय खबरें

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री राजनाथ सिंह के खिलाफ फेसबुक पर आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने के मामले में असम से सोमवार को अरेस्ट सीआरपीएफ जवान पंकज मिश्रा सुकमा में फूफेरे भाई अभय मिश्रा के शहीद होने के बाद से ही सदमे में था।

करीब छह माह पूर्व सुकमा में 25 सीआरपीएफ जवानों के मारे जाने के बाद उसने गृहमंत्री राजनाथ सिंह के खिलाफ फेसबुक पर वीडियो अपलोड कर पहली टिप्पणी की थी। तब यह मामला काफी सुर्खियों में रहा था।

मामले में टॉर्चर से बचने के लिए उसने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था। प्रकरण के बाद से वह सस्पेंड था।उसका तबादला असम के जोरहाट जिले में कर दिया गया था।

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शाहपुर प्रखंड के नरगदा गांव का है पंकज, तीन भाईयों में सबसे बड़ा

असम के जोरहाट जिले में प्रधानमंत्री व गृहमंत्री के खिलाफ अापत्तिजनक टिप्पणी किए जाने के मामले में अरेस्ट पंकज मिश्रा मूल रूप से बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के नरगदा गांव का रहने वाला है।

नरगदा गांव के रहने वाले किसान शिवशंकर मिश्रा को कुल तीन बेटे थे। जिसमें पंकज मिश्रा बड़ा बेटा है। वह वर्ष 2012 में केन्द्रीय रिजर्व बल में बहाल हुआ था। उसकी अभी शादी नहीं हुई है। छत्तीसगढ़ के सुकमा में जब नक्सली हमला हुआ था, उस समय वह पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में था।

CRPF soldier arreseted

बीते 24 अप्रैल को शहीद हुआ था फुफेरा भाई अभय मिश्रा

गौरतलब हो कि छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में 24 अप्रैल 2017 को माओवादियों के हमले में 25 जवान शहीद हो गए थे। जिसमें उस हमले में जगदीशपुर के तुलसी हरिगांव गांव के रहने वाले अभय मिश्रा भी शहीद हुए थे। वह पंकज का रिश्ते में फुफेरा भाई थे। इस घटना से दुखी होकर चंदन ने पहला वीडियो पोस्ट किया था।

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छोटे भाई ने कहा- असम में तबादले के बाद से किया जा रहा था टॉर्चर

पकड़े गए सीआरपीएफ जवान पंकज मिश्रा के भाई मिठ्ठू मिश्रा ने बताया कि दिल्ली हाईकोर्ट ने उसके भाई की सुरक्षा के लिए सख्त हिदायत दी थी। लेकिन, जब उसके भाई पंकज मिश्रा को असम के जोरहाट में पोस्टिंग की गई, उसके बाद टॉर्चर किया जाना शुरू हो गया था।

इसके बाद नियम के विरुद्ध आवाज उठाने के खिलाफ उसके भाई को सस्पेंड कर दिया गया था। पंकज मिश्रा ने अधिकारियों से कई बार निष्पक्ष जांच करने की मांग की। लेकिन, उसकी नहीं सुनी गयी। 26 सितंबर को फेसबुक पर मदद की गुहार लगाई थी।

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