बिहारियों को कोरोना से अन्य राज्यों में मौत पर भी मिलेगा मुआवजा

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कोरोना के नियंत्रण को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वास्थ्य विभाग को हर दिन दो लाख से अधिक सैंपलों की जांच का लक्ष्य प्राप्त करने को कहा है. अधिवेशन भवन में मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की 2705.35 करोड़ की 989 योजनाओं का शिलान्यास, कार्यारंभ, उद्घाटन व लोकार्पण करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है. साथ ही उन्होंने कहा कि कोरोना से बिहारियों की राज्य के बाहर मौत होने पर भी चार लाख का अनुग्रह अनुदान दिया जायेगा.

जनता दरबार में इस प्रकार के फरियादी को तत्काल लाभ दिलाने का निर्देश दिया गया है. इस दौरान 1503.06 करोड़ की 872 योजनाओं का शिलान्यास, 521.74 करोड़ की दो योजनाओं का कार्यारंभ, 399 करोड़ की 108 योजनाओं का उद्घाटन और 281.55 करोड़ की सात योजनाओं का लोकार्पण किया गया.

इसके साथ ही बेहतर टीकाकरण कार्य के लिए पटना के डीएम डॉ चंद्रशेखर सिंह, पूर्वी चंपारण के डीएम शीर्षत कपिल अशोक और दरभंगा के डीएम एसएम त्यागराजन को सर्टिफिकेट आॅफ एप्रीसिएशन दिया गया. सीएम ने जश्न-ए-टीका पाेर्टल और इ-संजीवनी ओपीडी एप की भी शुरुआत की.

मुख्यमंत्री ने कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के मद्देनजर लोगों से सचेत रहने की अपील की. कहा-अधिक संख्या में कोरोना जांच होने से ही बीमारी का पता चलेगा. बीमारी का पता नहीं चलने से संक्रमित व्यक्ति कई लोगों को संक्रमण फैला सकता है. उन्होंने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर से बचाव में भी तीन बातों पर ध्यान दिया जाना है. इनमें टेस्ट महत्वपूर्ण है.

उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि 2005 के बाद बिहार में स्वास्थ्य सेवा सहित संरचनाओं में गुणात्मक परिवर्तन दिख रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उस समय मुफ्त कोरोना टीकाकरण कार्यक्रम की शुरुआत की, जब पूरा देश टीके की राह देख रहा था. इधर मुख्यमंत्री ने भी छह माह में छह करोड़ को टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया है.

उपमुख्यमंत्री रेणु देवी ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कुशल नेतृत्व में बिहार में सभी क्षेत्रों में प्रगति हुई है. नयी योजनाओं के शुरू होने से राज्य की जनता को अधिक सुविधाएं मिलेंगी.

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव त्रिपुरारि शरण, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव अरविंद चौधरी सहित प्रमुख पदाधिकारी भी उपस्थित थे. कार्यक्रम से ऊर्जा मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव सहित सभी जिलों के डीएम व सिविल सर्जन जुड़े हुए थे. इसका सीधा प्रसारण भी किया गया.

नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में 2005 के पहले की स्थिति क्या थी. कितने मरीज अस्पताल आते थे. बीच के काल में अपेक्षा के अनुसार काम नहीं हुआ. स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय व विभाग का सराहनीय कार्य है कि जितनी योजनाएं शुरू की जा रही हैं, उनके पूरा होने के बाद कोई तकलीफ में नहीं रहेगा.

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया की उपयोगिता पर जोर देते हुए कहा कि इस पर बिहार की पुरानी बातों और वर्तमान में दिख रही प्रगति को डालना चाहिए. सोशल मीडिया नयी पीढ़ी को गलतफहमी में डाल रहा है. ऐसे में आवश्यक है कि विभाग में किये जा रहे कार्यों को सोशल मीडिया पर डालते रहना चाहिए.

मुख्यमंत्री ने कहा कि दीदी की रसोई के चालू होने से महिलाओं को कितनी तरह का काम मिल रहा है. उन्होंने खुशी जाहिर की कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से जितनी योजनाएं शुरू की जा रही हैं, उनसे स्वास्थ्य सेवा में सुधार होगा. टेली मेडिसिन सेवा, अस्पतालों से कचरा की सफाई, बाल हृदय योजना से दिल में जन्मजात छेद वाले बच्चों की मुफ्त सर्जरी, आयुष का विस्तार किया जा रहा है.

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