भारत में कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण से मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. COVID-19 महामारी के खिलाफ जारी जंग में नागरिकों के साथ स्वयंसेवी संस्थाएं और कंपनियां भी कूद पड़ी हैं. कोरोना संक्रमण से लड़ाई में मास्क, वेंटिलेटर्स, पीपीई समेत अन्य सामानों की मांग काफी ज्यादा हैं और आपूर्ति कम. इसलिए इसमें बिजनेस का एक अवसर भी पैदा हुआ है. इसी अवसर को देखते हुए मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन कटनी के माध्यम से स्वसहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने मास्क बनाने का काम शुरू कर लाखों में कमाई कर रही हैं.

89 हजार से ज्यादा मास्क किया तैयार
बाजार में मास्क और सैनेटाइजर की कमी को देखते हुए कलेक्टर शशि भूषण सिंह के निर्देश पर ग्रामीण आजीविका मिशन कटनी ने इसका निर्माण शुरू किया. ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान आरसेटी कटनी द्वारा सिलाई का प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं के सहयोग से अब तक कुल 89 हजार से ज्यादा मास्कों का निर्माण किया और इन मास्कों को विभिन्न संस्थाओं में वितरित किया गया.

लाखाों में हुई कमाई
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन कटनी के समत विकासखंडों के 23 स्व सहायाता समूहों से जुड़ी 157 महिलाओं तैयार 68365 मास्क को विभिन्न ग्राम पंचायतों में वितरित किया गया. इन मास्कों को 8 रुपये प्रति मास्क की दर पर बेचने से समूह को 546920 रुपये की आमदनी हुई. वहीं, शासकीय विभागों एवं अन्य निजी संस्थाओं को जिनमें स्वास्थय विभाग कटनी 1000, नगर निगम कटनी- 1100, एसडीएम कार्यालय बोहरीहबंद- 2000, प्राइवेट संस्था- 11000, जिला पंचायत कटनी उपाध्यक्ष- 5000, रेलवे विभाग कटनी 5000, कलेक्ट्रेट कार्यालय कटनी 250. इस तरह कुल 20850 मास्क तैयार किए गए. जिससे समूहों को प्रति मास्क 10 रुपये की दर से कुल 208500 की आय हुई. समूहों द्वारा अब तक मास्क तैयार करने में 356860 रुपये खर्च हुए. वहीं, कुल 89215 मास्कों को बनाने कर सप्लाई करने से 755420 रुपये की आमदनी हुई. खर्च निकालकर उनको 399060 रुपये की शुद्ध लाभ हुआ. इस प्रकार तीन दिन में किए गए काम के आधार पर प्रति सदस्य औसतन 2542 रुपये का लाभ हुआ.

Sources:-News

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