कोर्ट में सीबीआई ने क्या दी थी दलील? बचाव में लालू के वकील ने क्या कहा? जानिए

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चारा घोटाले से जुड़े एक और मामले डोरंडा कोषागार से 139.35 करोड़ की अवैध निकासी में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद दोषी करार दिए गए हैं। मंगलवार को सीबीआई के विशेष जज एसके शशि की अदालत ने लालू प्रसाद को दोषी करार दिया। 21 फरवरी को सजा के बिंदुओं पर सुनवाई होगी।

सीबीआई के स्पेशल पीपी की दलील

फैसला सुनाने से पूर्व सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक बीएमपी सिंह ने अदालत से अभियुक्तों को कठोर से कठोर सजा देने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि अभियुक्तों के खिलाफ पर्याप्त और ठोस साक्ष्य मिले हैं।

 

बचाव पक्ष की दलील

बचाव पक्ष ने कहा कि मुवक्किलों के खिलाफ कोई पुख्ता साक्ष्य नहीं मिला है। साथ ही बचाव पक्ष ने लालू प्रसाद समेत अधिकतर लोगों की उम्र को देखते हुए अदालत से फैसला सुनाने का अनुरोध किया।  

 

लालू समेत सभी दोषियों को पहले जेल भेजा गया

फैसला सुनाने के बाद लालू प्रसाद समेत सभी दोषियों को जेल भेज दिया गया। लालू प्रसाद समेत 41 अन्य आरोपियों को 21 फरवरी से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सजा सुनायी जाएगी। एक दिन में दस-दस लोगों को सजा सुनायी जाएगी। जो आरोपी फैसले के वक्त कोर्ट में हाजिर नहीं थे उनके खिलाफ अदालत ने वारंट जारी किया है। इस मामले में कुल 10 महिला समेत 99 अभियुक्त मुकदमे का सामना कर रहे थे। 

जेल से रिम्स रेफर, पेइंग वार्ड में भर्ती

फैसला सुनाए जाने के बाद लालू प्रसाद की ओर से खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए रिम्स भेजने का आवेदन दिया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने इस आवेदन को खारिज करते हुए उन्हें जेल भेजने का निर्देश दिया और कहा कि उनके मामले में जेल प्रशासन ही निर्णय लेगा। कोर्ट के आदेश के बाद लालू प्रसाद को रांची होटवार जेल ले जाया गया। वहां उनकी तबीयत को देखते हुए डॉक्टरों ने रिम्स रेफर कर दिया। लालू प्रसाद को रिम्स के पेइंग वार्ड ए-11 में भर्ती किया गया है।

 

अदालत ने तीन चरण में फैसला सुनाया

सीबीआई की विशेष अदालत ने सबसे पहले अभियुक्तों का नाम पुकारा। इसके बाद पहले उन 24 आरोपियों के नाम पढ़े गए जिन्हें बरी कर दिया गया है। दूसरे चरण में तीन साल की सजा पानेवालों का नाम पढ़ा गया। अंतिम चरण में अदालत ने शेष 41 अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेजने का निर्देश दिया।  

 

डॉ. जगन्नाथ मिश्र समेत 55 आरोपियों की हो चुकी है मौत

इस मामले में भी बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. जगन्नाथ मिश्र आरोपी थे। लेकिन ट्रायल के दौरान डॉ. मिश्र समेत 55 आरोपियों की मौत हो चुकी है। दो अभियुक्त निर्णय के पहले ही अपना दोष स्वीकार कर चुके हैं, जबकि छह आरोपियों को सीबीआई गिरफ्तार नहीं कर सकी है।  आठ आरोपियों को सीबीआई ने वादामाफ गवाह बनाया था। सीबीआई ने कुल 170 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किए। अदालत ने 148 आरोपियों के खिलाफ 26 सितंबर 2005 को आरोप तय किया था। सीबीआई ने चार राजनीतिज्ञों, छह बड़े अधिकारी, लेखा कार्यालय के चार अधिकारी-कर्मचारी, पशुपालन विभाग के 31 पूर्व पदाधिकारी और 53 आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। 29 जनवरी को मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।

 

इन मामलों में लालू प्रसाद को हो चुकी है सजा

पहला मामला

चाईबासा कोषागार: 37.7 करोड़ रुपये अवैध निकासी का आरोप। इसमें लालू प्रसाद समेत 44 अभियुक्त। इसमें लालू प्रसाद को पांच साल की सजा 

दूसरा मामला

देवघर कोषागार: 84.53 लाख रुपये की अवैध निकासी का आरोप। लालू प्रसाद समेत 38 पर केस। लालू प्रसाद को साढ़े तीन साल की सजा

 

तीसरा मामला

चाईबासा कोषागार: 33.67 करोड़ रुपये की अवैध निकासी का आरोप। लालू प्रसाद समेत 56 आरोपी। लालू प्रसाद को पांच साल की सजा

 

चौथा मामला

दुमका कोषागार: 3.13 करोड़ रुपये की अवैध निकासी का मामला। लालू प्रसाद को दो अलग-अलग धाराओं में सात-सात साल की सजा 

 

पांचवां मामला

डोरंडा कोषागार: 139.35 करोड़ रुपये की अवैध निकासी। लालू प्रसाद समेत 75 दोषी करार।

 

कब क्या हुआ

चारा घोटाला :  आरसी 47ए/96 

एफआईआर- 27/01/96 

सूचक – राजीव कुमार(डीसी, रांची)

सीबीआई एफआईआर- 16/04/96    

घोटाला- 139.35 करोड़ रुपये

कोषागार-डोरंडा

स्पेशल पीपी- बीएमपी सिंह 

चार्जशीट- 08/05/2001 (सीबीआई कोर्ट,पटना)

पूरक चार्टशीट – 7 जून 2003 (सीबीआई कोर्ट,रांची)

आरोप तय – 26 सितंबर 2005 

आरोपियों की संख्या- 170

सुनवायी के दौरान मृत्यु- 55

सरकारी गवाह बने- 8

निर्णय पूर्व दोष स्वीकार – 2

26 साल से फरार आरोपी – 6

ट्रायल फेस आरोपी- 99

सीबीआई गवाही बंद – 16 मई 2019 

बचाव पक्ष की गवाही बंद – 26 फरवरी 2021 

313 का बयान- 20 मई 20219 से

अभियोजन गवाही- 575

दस्तावेज प्रूफ – हजारों की संख्या में (15 ट्रंक) 

बचाव पक्ष की गवाही – 25

सीबीआई बहस – 2 मार्च 2021 से सात अगस्त 2021 तक 

बचाव पक्ष की बहस – 9 अगस्त 2021 से 29 जनवरी 2022 तक

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