क्यों होता है वैक्सीन लगवाने के बाद हाथ में दर्द ?

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कोरोना का खतरा अभी भी बरक़रार है. भारत समेत पूरी दुनिया में वैक्सीनेशन की प्रक्रिया चल रही है. अब तक जितनी भी वैक्सीन को मान्यता मिली है, उनमें से अधिकतर को हाथ के ऊपरी हिस्से में लगाया जा रहा है. कोरोना की वैक्सीन लगवाने के बाद कुछ साइड इफेक्ट महसूस होना आम है जो कुछ दिनों में अपने आप ठीक हो जाते हैं. वैक्सीन लगवाने के बाद लोग हाथ में दर्द की शिकायत कर रहे हैं. कुछ लोगों को बाजू में वैक्सीन लगवाने वाली जगह पर ज्यादा तेज दर्द महसूस होता है. बाजू में सूजन के साथ दर्द कई दिनों तक बना रहता है. जिस कारण उन्हें कुछ दिन हाथ उठाने या उससे रोजमर्रा के काम करने में भी परेशानी हो रही है. वैक्सीन के इस इंफ्लेमेटरी साइड इफेक्ट को ‘कोविड आर्म’ भी कहा जाता है.

वैक्सीन लगवाने वाली जगह पर क्यों होता है दर्द- वैक्सीन का साइड इफेक्ट शरीर में कई तरीके से दिखता है. वैक्सीन लगवाने वाली जगह पहले कुछ समय के लिए सुन्न हो जाती है. इन सारे साइड इफेक्ट में लगभग हर किसी को हाथ में दर्द होता ही है. ये दर्द इतना तेज होता है कि जरा सा भी हाथ ऊपर करने में दर्द महसूस होता है.

हालांकि कोविड आर्म से जुड़े ये सारे साइड इफेक्ट अस्थायी हैं लेकिन फिर भी ये कुछ दिनों तक आपकी दिनचर्या को प्रभावित कर सकते हैं. हाथ में होने वाला दर्द और सूजन बताता है कि आपकी बॉडी वैक्सीन को किस तरीके से लेती है.

जब वैक्सीन लगती है तो शरीर इसे हाथ पर लगे एक चोट की तरह लेता है जैसा कि कटने या खून लगने पर होता है और इम्यून सेल्स को बाजू की रक्त वाहिकाओं को आराम पहुंचाने के लिए भेजता है. इस प्रक्रिया के तहत इम्यून सेल्स इंफ्लेमेशन भी बनाता है जो आगे चलकर शरीर को रोगाणुओं से बचाने में मदद करते हैं. वैक्सीन की इस प्रतिक्रिया को एक्सपर्ट्स ‘रिएक्टोजेनेसिटी’ कहते हैं.

वैक्सीन लिक्विड की वजह से भी मांसपेशियों में कुछ समय तक जलन महसूस होती है. कोविड आर्म का ज्यादा अनुभव विशेष रूप से mRNA वैक्सीन लेने वालों को महसूस होता है. इन वैक्सीन को लेने के बाद बाजू में खुजली और सूजन होना सामान्य है.

वैक्सीन के ज्यादातर साइड इफेक्ट्स 2-3 दिनों तक रहते हैं लेकिन अगर आप जरूरत से ज्यादा इंफ्लेमेशन महसूस करते हैं तो आपके हाथ का दर्द और सूजन 5 दिनों से ज्यादा भी रह सकता है. अगर एक हफ्ते के बाद भी आपके हाथों का दर्द कम नहीं होता है तो आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.

इंफ्लेमेशन की वजह से शरीर में कुछ दिनों तक एलर्जी, दर्ज, जलन, सूजन, खुजली, जोड़ों में दर्द और सर्दी जैसी समस्याएं महसूस होती हैं. ये इम्यून सिस्टम पर पड़ने वाले असर की वजह से होता है. इंफ्लेमेशन का असर कभी-कभी लंबे समय तक रह जाता है.

अगर आपके शरीर में पहले से ही इंफ्लेमेशन ज्यादा है तो वैक्सीन लगवाने के बाद आपको बाजू में सूजन और दर्द ज्यादा महसूस हो सकता है. यही वजह है कि बाकी लोगों की तुलना में कुछ लोगों को हाथ में होने वाला दर्द लंबे समय तक रह जाता है.

हालांकि, कई हेल्थ एक्सपर्ट्स कहते हैं कि बाजू में होने वाला तेज दर्द बताता है कि आपकी वैक्सीन वैसी ही काम कर रही है जैसे इसे करना चाहिए. वैक्सीन शरीर में इंफ्लेमेशन बढ़ाने के साथ एंटीबॉडी भी बनाती है. अगर आपको वैक्सीन लगवाने के बाद शरीर में ज्यादा जलन और सूजन महसूस हो रहा है तो इसका मतलब है कि वैक्सीन आपको सुरक्षा देने के लिए अपना काम कर रही है.

वैक्सीन की वजह से होने वाला दर्द वैसे तो अपने आप ठीक हो जाता है लेकिन अगर आपका दर्द लंबे समय तक रहता है तो आप कुछ घरेलू तरीकों से आप इससे राहत पा सकते हैं. जैसे कि आप वैक्सीन वाली जगह की बर्फ से सिकाई कर सकते हैं. उस जगह पर ठंडा/गर्म पानी डालने से भी आराम मिलेगा. पानी में नमक डालकर नहाने से भी दर्द कम होता है.

किस हाथ में लगवाएं वैक्सीन

कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि वैक्सिनेशन के लिए कम उपयोगी हाथ को चुनना ज्यादा सही निर्णय है। इसका मतलब है कि राइट हैंडर्स के लिए लेफ्ट हैंड और लेफ्ट हैंडर्स के लिए राइट हैंड । इसकी वजह यह है कि वैक्सीन लगने से एक या दो दिन हाथ में हल्का दर्द महसूस होता है। इसके चलते हाथ से काम करने में थोड़ी परेशानी होगी। कम उपयोगी हाथ में वैक्सीन लगवाना सही फैसला हो सकता है। वहीं, कुछ और एक्सपर्ट्स का कहना है कि दर्द से जल्दी राहत के लिए हाथ में मूवमेंट का बना रहना जरूरी है। इससे मांसपेशियों में ब्लड का सर्कुलेशन बना रहता है और दर्द से जल्द राहत मिलती है। वैक्सीनेशन के लिए अपने उपयोगी हाथ को चुनना भी सही फैसला होगा।

अलग-अलग हाथ में लगवा सकते हैं दोनों डोज

कोविड-19 की दूसरी डोज एक महीने के अंतराल पर लगनी है। पहली डोज के बाद कुछ दिनों तक हाथ में दर्द बना रहता है। इसी वजह से कुछ लोग वैक्सीन की अंतिम डोज अपने दूसरे हाथ में लगवाना चाहते हैं। डॉक्टरों की सलाह है कि ये एक अच्छा निर्णय हो सकता है कि वैक्सीन की दोनों डोज अलग-अलग हाथ में लगवाई जाए। इससे एक ही हाथ में बार बार होने वाले दर्द से बचा भी जा सकता है। और वैक्सीन के असर में भी कोई कमी नहीं आएगी।

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