नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल का निधन हो गया है. बुधवार की सुबह 3.30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली. उनके बेटे फ़ैसल पटेल ने ट्विटर पर यह जानकारी दी. उन्होंने लिखा कि एक साथ कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था जिसकी वजह से उनका निधन हो गया.

फ़ैसल ने यह भी लिखा कि, “अपने सभी शुभचिंतकों से अनुरोध करता हूं कि इस वक्त कोरोना वायरस के नियमों का कड़ाई से पालन करें और सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर दृढ़ रहें और किसी भी सामूहिक आयोजन में जाने से बचें.”

क़रीब एक महीने पहले अहमद पटेल कोरोना वायरस से संक्रमित हुए थे. 71 साल के पटेल का निधन दिल्ली के अस्पताल में हुआ है. अहमद पटेल कांग्रेस पार्टी के कोषाध्यक्ष थे. अहमद पटेल जब तक कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार रहे तब तक पार्टी में काफ़ी ताक़तवर रहे. वे 1985 में राजीव गांधी के संसदीय सचिव भी रहे थे.

कांग्रेस पार्टी के कोषाध्यक्ष के तौर पर उनकी नियुक्ति 2018 में हुई थी. आठ बार के सांसद रहे पटेल तीन बार लोकसभा के लिए चुने गए और पाँच बार राज्यसभा के लिए. आख़िरी बार वो राज्यसभा 2017 में गए और यह चुनाव काफ़ी चर्चा में रहा था.

1986 में अहमद पटेल को गुजरात कांग्रेस का अध्यक्ष बनाकर भेजा गया. 1988 में गांधी-नेहरू परिवार द्वारा संचालित जवाहर भवन ट्रस्ट के सचिव बनाए गए. यह ट्रस्ट सामाजिक कार्यक्रमों के लिए फंड मुहैया कराता है.

धीरे-धीरे अहमद पटेल ने गांधी-नेहरू ख़ानदान के क़रीबी कोने में अपनी जगह बनाई. वो जितने विश्वासपात्र राजीव गांधी के थे उतने ही सोनिया गांधी के भी रहे.

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