पटना में दिव्यांग यात्रियों के लिए चलेगी CNG बसें, जानें क्या रहेगी इसकी खासियत

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पटना: राज्य सरकार पहली बार दिव्यांगों के लिए विशेष प्रकार की सीएनजी (CNG) बस चलाने जा रही है. इसकी शुरुआत जल्द ही बिहार के शहरों की सड़कों पर की जाएगी. इस परियोजना को पूरा करने के लिए परिवहन विभाग ने 20 सीएनजी (CNG) विकलांग-अनुकूल बसें खरीदने के लिए Centre’s GEM पोर्टल पर बोली शुरू की है. सभी बसों के विपरीत इन बसों पर यात्रियों के लिए तीन दरवाजे होंगे. एक आगे, एक बीच में और एक पीछे. जिनमें से एक दरवाजे को हाइड्रोलिक लिफ्ट के साथ लगाया जाएगा, जिससे दिव्यांग यात्रियों को बस से उतरना और चढ़ना आसान हो जाएगा.

खबरों के अनुसार बिहार स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड (BSRTC) के प्रशासक श्याम किशोर ने कहा कि हाइड्रोलिक लिफ्ट की मदद से व्हीलचेयर का उपयोग करने वाले यात्री आसानी से नई CNG बसों से बाहर निकल सकेंगे. उन्होंने कहा कि जुलाई तक बसों को शहर की सड़क पर उतारने की संभावना है. इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है. इन बसों की शुरुआत बिहार की राजधानी से की जाएगी

हाइड्रोलिक लिफ्ट का उपयोग करके यात्री एक मिनट से भी कम समय में बस में प्रवेश कर सकते हैं. प्रत्येक बस में यात्रियों को बस में चढ़ने और उतरने में मदद करने के लिए एक व्हीलचेयर रहेगा. ये विशेष बसें यात्रियों को उनके व्हीलचेयर को पार्क करने के लिए अतिरिक्त स्थान प्रदान करेंगी. बस की अगली पंक्ति, व्हीलचेयर पर दो यात्री आराम से बैठ सकते हैं.

जानकारी के अनुसार, प्रत्येक हाइड्रोलिक लिफ्ट 300 किलोग्राम तक का वजन उठा सकती है. इसके अलावा, सभी सीएनजी विकलांग-अनुकूल बसें पैनिक बटन, क्लोज सर्किट- टेलीविजन कैमरा, फर्स्ट-एड किट और जीपीएस ट्रैकर्स से लैस होंगी. पैनिक बटन से पीडब्ल्यूडी यात्रियों को आपातकालीन स्थिति का सामना करने पर अलार्म बजाने में मदद मिलेगी. शुरुआत में शहर के 14 विभिन्न मार्गों पर 20 बसें चलाने की तैयारी है.

खबरों के अनुसार अन्य यात्री भी सीएनजी दिव्यांग-अनुकूल बसों में सवार हो सकते हैं, लेकिन पहली प्राथमिकता दिव्यांग यात्रियों के लिए होगी. इसके अलावा, परिवहन विभाग शहर में चलने के लिए 50 और सीएनजी बसों की खरीद करेगा. वर्तमान में, 20 सीएनजी बसें पटना में चल रही हैं जिनमें 10 सीएनजी किट से सुसज्जित हैं. विभाग ने इस वर्ष के अंत तक सभी बीएसआरटीसी डीजल से चलने वाली बसों को सीएनजी में बदलने का लक्ष्य रखा है.

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