सुशासन के लिए फिर से फ्रंट पर CM नीतीश, 12 जुलाई से नीतीश फिर लगाएंगे जनता दरबार

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Patna: हाल के सालों में सुशासन की स्थिति को देखते हुए बिहार के सुशासन बाबू सचेत हो गए हैं। उन्हें लगने लगा है कि अब फ्रंट में आकर सुशासन को दुरुस्त करना होगा। बिहार में संघीय अपराध न के बराबर होता है। लेकिन, जमीन-जायदाद और फौजदारी की लड़ाई में अपराध बढ़े हैं। मुकदमे भी बढ़े हैं। ऐसे हालात में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को एहसास होने लगा है कि अब वह सीधे जनता से संवाद करके इन समस्याओं को सुलझाएंगे।

तभी तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने पुराने कार्यक्रम की शुरुआत करने जा रहे हैं। वह कार्यक्रम है- मुख्यमंत्री जनता के दरबार में। इस कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री लोगों से सीधे संवाद करते हैं। उनकी समस्याएं सुनते हैं और उसका निदान भी जल्द करने का प्रयास करते हैं। अधिकारियों को ऑन द स्पॉट आदेश दिया जाता है। अब फिर से यह कार्यक्रम शुरू होने वाला है।

5 साल बाद लगेगा नीतीश का जनता दरबार

CM नीतीश कुमार एक बार फिर से जनता दरबार लगाएंगे। पांच साल के बाद नीतीश कुमार जनता दरबार लगाने जा रहे हैं। इस सोमवार से जनता दरबार लगाना तय किया गया है। इसको लेकर तैयारी की जा रही है। CM नीतीश कुमार ने खुद भी जनता दरबार की जगह का मुआयना किया। इस बार जनता दरबार सचिवालय में लगाया जाएगा। कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस जगह पर आने वालों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाएगा। इसी के अनुसार लोगों के बैठने की व्यवस्था की जा रही है। 2020 विधानसभा चुनाव के बाद ही CM ने ऐलान कर दिया था कि इसे शुरू करेंगे।

मुख्य सचिव कर रहे तैयारी
बिहार के मुख्य सचिव त्रिपुरारी शरण ने जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम को लेकर बैठकों का दौर शुरू कर दिया है। इसको लेकर CS संबंधित विभागों, सभी प्रमंडलीय आयुक्तों और DM के साथ बैठक कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि जिस तरह से पहले जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम लगाया जाता था, उसी तरह से फिर से लगाया जाएगा। इस बार कोरोना संक्रमण को देखते हुए कुछ नियम बदले जाएंगे। जो लोग जनता दरबार में आएंगे, उनको सभी सुविधा जिला स्तर पर दी जाएगी।

लोक शिकायत निवारण में लोगों को नहीं मिली संतुष्टि
इसके पहले नीतीश कुमार का जनता दरबार मुख्यमंत्री आवास एक अणे मार्ग में आयोजित किया जाता था। अप्रैल 2006 से मई 2016 तक CM नीतीश कुमार ने यह कार्यक्रम किया था। इसको लेकर तीन दिन पहले CM ने कहा था कि लगातार 10 साल तक हम हर सोमवार को जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम करते रहे। महीने में तीन सोमवार को यह कार्यक्रम होता था। फिर लोक शिकायत निवारण कानून हमने लोगों के लिए बना दिया। इसके बाद वर्ष 2016 से हो गया कि अब जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम की कोई आवश्यकता नहीं है। लेकिन, बाद में कई जगह लोगों ने कहा कि जनता दरबार होना चाहिए। तो इसे शुरू किया जा रहा है।

लोक शिकायत निवारण में अपनी शिकायत करने के बावजूद लोगों को वह संतुष्टि नहीं मिलती थी और काम भी प्रभावी तरीके से जल्द नहीं हो पाता था। इस वजह से लोगों ने जनता दरबार की मांग की। मुख्यमंत्री खुद बताते हैं कि जनता दरबार में आम लोगों से संवाद करके उन्हें भी संतुष्टि मिलती है। उन्हें भी लगता है उन्होंने लोगों के लिए कुछ किया है।

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