CM नीतीश आज करेंगे ‘हर घर गंगाजल’ योजना का लोकार्पण, राजगीर व गया में मिलेगा लाभ

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बिहार रविवार को एक इतिहास रचेगा, जब गंगा नदी की बाढ़ के पानी को दक्षिण बिहार के जल संकट वाले शहरों में ले जाकर, उसे शोधित कर पेयजल के लिए ‘हर घर गंगाजल’ की आपूर्ति करने की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अनूठी परिकल्पना धरातल पर उतरेगी। खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने ड्रीम प्रोजेक्ट ‘गंगा जल आपूर्ति योजना’ का राजगीर में रविवार को दोपहर बाद तीन बजे लोकार्पण करेंगे। इसके साथ ही वे राजगीर शहर में ‘हर घर गंगाजल’ की आपूर्ति का शुभारंभ भी करेंगे।

सोमवार को गया व बोधगया में भी योजना का लोकार्पण

लोकार्पण समारोह में उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, वित्त, वाणिज्यकर एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी और जल संसाधन तथा सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री संजय झा के अलावा कई सांसद, विधायक व अन्य गणमान्य मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अगले दिन सोमवार को गया और बोधगया में योजना का लोकार्पण करेंगे। आगे योजना के दूसरे चरण में जून 2023 तक नवादा में भी ‘हर घर गंगाजल’ पहुंचाने का लक्ष्य है।

सीएम नीतीश का भगीरथ प्रयास है यह पेयजल योजना

बिहार सरकार के जल संसाधन तथा सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री संजय झा ने कहा कि गंगा जल आपूर्ति योजना’ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का भगीरथ प्रयास है। आम तौर पर यह कहावत प्रचलित है कि कुआं प्यासे के पास नहीं जाता, प्यासे को ही कुएं के पास जाना पड़ता है। लेकिन इंजीनियर मुख्यमंत्री श्नीतीश कुमार ने एक बड़ा सपना देखा। उन्होंने अपने दूरगामी अभियान ‘जल-जीवन-हरियाली’ के तहत गंगा नदी के अधिशेष जल को दक्षिण बिहार के जल संकट वाले शहरों ले जाकर पेयजल के रूप में उपयोग करने की अनूठी परिकल्पना की। उनकी अध्यक्षता में दिसंबर 2019 में गया में हुई कैबिनेट की विशेष बैठक में अतिमहत्वाकांक्षी ‘गंगा जल आपूर्ति योजना’ को मंजूरी दी गई।

चुनौतियों के बावजूद तीन साल में पूरा हो गया काम

मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जल संसाधन विभाग ने तत्परता से काम करते हुए इतनी बड़ी योजना को कोरोना काल की चुनौतियों के बावजूद तीन साल से कम समय पूरा करा दिया है। गंगा जल पाइपलाइन के जरिये 151 किलोमीटर सफर तय करके राजगीर, गया और बोधगया के जलाशयों में पहुंच गया है, जहां से यह शोधित होकर शुद्ध पेयजल के रूप में रोज लाखों लोगों की प्यास बुझाएगा।

राजगीर, गया व बोधगया के 89 हजार घरों में पानी

मंत्री संजय झा ने बताया कि इस योजना के तहत राजगीर शहर के 19 वार्डों के करीब 8031 घरों, गया शहर के 53 वार्डों के करीब 75000 घरों और बोधगया शहर के 19 वार्डों के करीब 6000 घरों में शुद्ध पेयजल के रूप में गंगाजल की आपूर्ति की जायेगी। योजना के तहत प्रतिव्यक्ति प्रतिदिन 135 लीटर शुद्ध जल की आपूर्ति का लक्ष्य है। इसके अलावा शहर के संस्थानों, अस्पतालों, होटलों आदि को भी जल की आपूर्ति की जायेगी, ताकि इन शहरों में बड़ी संख्या में आने वाले पर्यटकों तथा श्रद्धालुओं के लिए भी शुद्ध जल की आपूर्ति हो सके। राजगीर जू सफारी में रखे गये जीव-जंतुओं तथा नेचर सफारी की वनस्पतियों को भी गंगा जल की आपूर्ति होगी।

सीएम नीतीश के नेतृत्व में हुए कार्यों की सूची लंबी

उन्‍होंने कहा कि बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में हुए ऐतिहासिक फैसलों एवं कार्यों की सूची बहुत लंबी है। उस सूची में अब ‘गंगा जल आपूर्ति योजना’ भी प्रमुखता से जुड़ गई है। कहीं बाढ़ तो कहीं सुखाड़ की स्थिति से जूझते बिहार के लिए गंगा जल आपूर्ति योजना एक गेम चेंजर योजना साबित होगी। यह योजना नदी जल के सम्यक प्रबंधन और पर्यावरण के अनुकूल विकास का एक अनूठा उदाहरण है। यह योजना देश-विदेश के लिए नजीर बनेगी।

योजना के महत्वपूर्ण अवयवों पर एक नजर

  • इन्टेक वेल-सह-पम्प हाउस (हाथीदह, मोकामा, पटना) : हाथीदह में गंगा नदी पर निर्मित राजेंद्र पुल के निकट गंगा जल को उद्वह करने के लिए निर्मित इन्टेकवेल-सह-पम्प हाउस में तीन पम्प अधिष्ठापित हैं तथा भविष्य की आवश्यकता के लिए आठ अतिरिक्त पम्प अधिष्ठापन हेतु स्थान रखा गया है। सिल्ट रोकने के लिए पाइपलाइन में अत्याधुनिक ऑनलाईन फिल्टर लगाया गया है।
  • राजगीर डिटेन्शन टैंक-सह-पम्प हाउस : राजगीर के निकट मोतनाजे (नवादा) में 78,500 क्यूबिक मीटर क्षमता का राजगीर डिटेन्शन टैंक-सह-पम्प हाउस का निर्माण किया गया है। हाथीदह स्थित इन्टेक वेल-सह-पम्प हाउस से जल को उद्वह कर सर्वप्रथम जल का भंडारण इसी टैंक में किया जाता है।
    1. गंगा जी राजगृह जलाशय, राजगीर (नालंदा) – घोड़ाकटोरा झील एवं पंचाने नदी के बीच 9.915 एम.सी.एम. क्षमता का, 2.0 किमी लंबा एवं 17.0 मीटर ऊँचा अर्देन डैम।
    2. गंगा जी गया जलाशय, तेतर, मोहरा (गया) – गया जिले के मोहरा प्रखंड के तेतर ग्राम स्थित पहाड़ी के निकट 18.633 एम.सी.एम. क्षमता, 1.20 किमी लंबा एवं 33.0 मीटर ऊँचा अर्देन डैम।
    3. गया-बोधगया जलाशय, मानपुर (गया) – अबगिल्ला (मानपुर, गया) अवस्थित पहाड़ी के पास में 0.938 एमसीएम क्षमता का आरसीसी जलाशय।
    • विभिन्न जल शोधन संयंत्र :
    1. राजगीर जल शोधन संयत्र (मोतनाजे, नवादा) – 24.00 एमएलडी
    2. गया जल शोधन संयत्र (अबगिल्ला, गया) – 186.50 एमएलडी
    3. नवादा जल शोधन संयत्र (पौरा, नवादा) – 36.00 एमएलडी
    • विभिन्न पाइपलाइन:
    • हाथीदह से गया – 2.40 मीटर से 1.60 मीटर व्यास की 151 किमी लंबी स्टील पाइप। यह 151 किमी लंबी पाइप लाइन छह प्रमुख नदियों, 13 रेलवे क्रॉसिंग, 19 रोड क्रॉसिंग, 5 ओवरहेड क्रॉसिंग आदि से होकर गुजरती है।
    • राजगीर जल शोधन संयत्र से प्राप्त शोधित जल राजगीर शहर में आपूर्ति हेतु लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के पूर्व निर्मित/ निर्मित पानी टंकी से पाइपलाइन के संबंधन के लिए 51 किमी स्टील पाइप।
    • गया जल शोधन संयत्र से प्राप्त शोधित जल गया एवं बोधगया शहरों में आपूर्ति हेतु नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा निर्मित/ निर्माणाधीन पानी टंकी से पाइप लाइन के संबंधन के लिए 32 किमी स्टील पाइप।
    • मोतनाजे स्थित डिटेंशन टैंक से नवादा शहर में आपूर्ति हेतु नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा निर्मित/ निर्माणाधीन पानी टंकी से पाइप लाइन के संबंधन के लिए 33 किमी स्टील पाइप लाइन।

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