फिर सीएम बने नीतीश, पटनासिटी में हुआ गंगा महाआरती का आयोजन

आस्था
इधर सदन में नीतीश कुमार ने बहुमत प्राप्त किया उधर पटनासिटी में गंगा महाआरती का आयोजन किया गया। जानकारी अनुसार बिहार में पटना सिटी के भद्र घाट पर स्थित मां गंगा मंदिर के पांचवें स्थापना दिवस समारोह के मौके पर गंगा महाआरती का आयोजन किया गया. जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया. मां गंगा सेवा समिति के तत्वाधान में आयोजित गंगा महाआरती को लेकर श्रद्धालुओं की श्रद्धा भक्ति देखते ही बनी.
बताते चले कि गंगा आरती की शुरुआत अब हो जाएगी। सावन के शुभ अवसर पर इसकी शुरुआत करने की तैयारी है। गांधी घाट पर होने वाले गंगा आरती के लिए हर तरह की मूलभूत सुविधाओं को बहाल करने पर जोर-शोर से काम चल रहा है।
इसमें कई सुविधाएं बहाल की जा चुकी हैं। जैसे पानी, शौचालय, सीसीटीवी कैमरे, वाचटावर लगाए जा चुके हैं। अब गांधी घाट के प्रवेश गेट को बड़ा किया जा रहा है। अब महत्वपूर्ण सुविधाएं जो हैं, गोताखोर की प्रतिनियुक्ति, लाइटिंग, एनडीआरएफ दस्ता और पुलिस प्रशासन की स्थाई तौर पर तैनाती की व्यवस्था हो रही है। बिहार पर्यटन विकास निगम के अनुसार बैरिकेटिंग भी होनी थी लेकिन अब यह नहीं होगा। दरअसल इसमें समस्या यह आ रही है कि पानी की बढ़ने और घटने की प्रक्रिया बराबर होती रहती है। इसलिए बेरिकेटिंग कर पाना संभव नहीं हो पा रहा है। बता दें कि गांधी घाट पर होने वाली गंगा आरती इस वर्ष के जनवरी महीने में पतंगोत्सव के दिन नाव हादसे की घटना के बाद से बंद पड़ी है।
पंडित के रूम में पुलिस प्रशासन की व्यवस्थागांधी घाट पर आरती के लिए पंडित का जो रूम बना हुआ है उसमें पुलिस प्रशासन की टीम स्थाई तौर पर रहेगी। गंगा आरती या अन्य दिनों में यह पूरे टीम एक्टिव रहा करेगी। खासकर गंगा आरती के दिन जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की टीम पूरी तरह अलर्ट रहेगी। आरती के दिन एनडीआरएफ गश्ती करेगीआरती के दिन शनिवार और रविवार को एनडीआरएफ का गश्ती दल गंगा में मूव करती रहेगी।
आरती के समय से समापन तक यह मूवमेंट होगा। चार गोताखोरों की भी तैनाती रहेगी। वर्तमान में दो गोताखोरों को रखने पर विचार हुआ है। गंगा घाटों पर अब यह व्यवस्था नियमित रूप से बहाल होने जा रही है।
फ्लोटिंग रेस्तरां को भी किया जाएगा शुरूगांधी घाट पर लंबे समय से खड़ा फ्लोटिंग रेस्तरां को चालू किया जाएगा। इस रेस्तरां के इंजन और ब्रेक में खराबी आ गई है। जिससे यह बंद पड़ा है। इसका मेंटेनेंस में लगभग 30 से 40 लाख रुपये खर्च आएगा। इसके लिए नए सिरे से टेंडर निकालाने की प्रक्रिया होगी। चार बार टेंडर निकल चुका है। जिसमें कोई कंपनियां शामिल नहीं हो पाई। टेंडर पर यदि कोई कंपनियां नहीं आएगी, तो खराब उपकरण को खोलकर कोलकाता भेजना होगा।

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