छात्रों के बवाल पर रेल मंत्रालय सख्त, कहा- रिजल्ट में नहीं होगा बदलाव; आंदोलन गलत

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स्नातक एनटीपीसी के रिजल्ट में किसी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा। छात्रों को परीक्षा से पूर्व सारे पैटर्न की जानकारी दे दी गई थी। इस संबंध में रेल मंत्रालय के अतिरिक्त महानिदेशक एवं प्रवक्ता राजीव जैन ने बताया कि वर्ष 2019 में जब परीक्षा से संबंधित विज्ञप्ति जारी की गई थी। उस वक्त हर प्वाइंट पर जानकारी उपलब्ध कराई गई थी। अब रिजल्ट आने के बाद छात्र अगर आंदोलन कर रहे हैं तो यह गलत है।

छात्रों को परीक्षा के पूर्व ही हर तरह की आपत्ति पर सवाल उठाना चाहिए था। एक तो कोरोना के समय में बहुत मुश्किल दौर में परीक्षा आयोजित कराई गई। अब रिजल्ट को लेकर विरोध करना भी गलत है। अब बदलाव संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट करने की प्रक्रिया मूल अधिसूचना यानी 28 फरवरी 2019 को प्रकाशित सीईएन 01/2019 के पैराग्राफ 13 में विस्तार से बतायी जा चुकी है। 

 

इस रोजगार अधिसूचना में 13 श्रेणियों के बारे में विज्ञापन दिया गया था, जो स्नातकों के लिए थीं। इनमें से छह पूर्व-स्नातकों के लिए थीं। इन तेरह श्रेणियों को 7वें केंद्रीय वेतन आयोग के वेतनमान स्तरों (यानी स्तर 2, 3, 4, 5 और 6) के आधार पर पांच समूहों में बांटा गया था और प्रत्येक श्रेणी के लिए भर्ती की चरणवार प्रक्रिया पहले ही सीईएन के पैराग्राफ 13.6 में स्पष्ट रूप से बताई जा चुकी है।

 

प्रत्येक उम्मीदवार पात्रता की शर्तों के तहत इन सभी या 13 श्रेणियों में से किसी एक को चुनने के लिए स्वतंत्र थे। उन्होंने बताया कि प्रावधानों के तहत एनटीपीसी द्वितीय चरण की परीक्षा के लिए बुलाए जाने वाले उम्मीदवारों की संख्या स्वीकृत पदों की संख्या की केवल 10 गुना होती है। उम्मीदवारों के हितों की रक्षा के लिए पदों की संख्या का 10 गुना बुलाने के नियम को सीईएन 1/2019 में रिक्तियों की संख्या का 20 गुना बढ़ा दिया गया, जब सभी स्तरों पर शॉर्ट लिस्टिंग की गई तो यह सुनिश्चित किया गया कि मेधावी उम्मीदवार अवसर से वंचित न हों। 

ग्रुप डी की परीक्षा में नहीं होगा कोई बदलाव 

आरआरबी ग्रुप डी के वैकेंसी के बारे में उन्होंने बताया कि मूल अधिसूचना में यह अधिसूचित किया गया था कि सीबीटी एकल या बहु चरण में आयोजित किया जा सकता है। अंतिम अधिसूचना में यह एकल चरण में आयोजित किया गया था। हालांकि पिछली भर्ती में देखी गई कुछ अनियमितताओं के कारण आरआरबी के अध्यक्षों की एक समिति नियुक्त की गई थी। समिति ने दो चरणों में सीबीटी आयोजित करने की सिफारिश की ताकि सीमित उम्मीदवारों के सीबीटी 2 आयोजित करते समय सख्त नियंत्रण का प्रयोग किया जा सके। 

 

इसमें लगभग 1.15 करोड़ आवेदन प्राप्त हुए हैं और सीबीटी को 100 से अधिक चरणों में कई दिनों तक लिया जाएगा। प्रत्येक पाली में अलग-अलग प्रश्न पत्र होंगे। इसलिए सामान्य परिणाम तैयार करने के लिए व्यापक सामान्यीकरण करने की आवश्यकता होगी। सीमित शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों के साथ द्वितीय चरण सीबीटी आयोजित करने से व्यापक सामान्यीकरण से बचा जा सकेगा। इस आधार पर तैयार की गई योग्यता अधिक निष्पक्ष और न्यायपूर्ण होगी। यह फैसला छात्रहित में लिया गया है।

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