छठ बना ‘स्‍टेट इवेंट’, घाटों पर बैरिकेडिंग, वाटर एम्बुलेंस से लेकर डॉक्‍टर रहेंगे मौजूद

कही-सुनी

पटना: बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने रविवार को सुबह करीब नौ बजे छठ घाटों का निरीक्षण किया। उन्होंने गांधी घाट, कलेक्टेरिएट घाट, काली घाट, बांस घाट, एलसीटी घाट होते हुए दीघा घाट तक भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने घाटों पर साफ-सफाई से लेकर प्रकाश एवं सुरक्षा व्यवस्था तक के बारे में जिलाधिकारी संजय अग्रवाल और पटना नगर निगम आयुक्त अभिषेक कुमार से विमर्श किया। उन्होंने राजधानी के सभी छठ घाटों पर सुरक्षा, बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था और पहुंच पथ समेत सारी सुविधाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

chhathpuja 2017

पेट्रोलिंग में तैनात होंगी 200 नावें

उप मुख्यमंत्री ने गांधी घाट पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि एनडीए सरकार ने छठ महापर्व को स्टेट इवेंट बनाया है। प्रकाश पर्व के मानक जैसा छठ में सारा प्रबंध सुनिश्चित किया जाएगा। इस बारे में संबंधित अफसरों को निर्देश दिया गया है। बुडकों को छठ घाटों पर सुरक्षा के लिए बैरकेडिंग सुनिश्चित करने की जिम्मेवारी दी गई है।

उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए राजधानी के 23 तालाबों को अघ्र्यदान के लिए प्रशासन द्वारा उपयुक्त बनाया जा रहा है। अघ्र्यदान के दौरान होने वाली घटनाओं को रोकने के लिए वाटर एम्बुलेंस, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैयार रहेंगी।  200 नावों को रिवर पेट्रोलिंग में लगाया जाएगा।

घाटों पर डॉक्टरों की 120 टीमें रहेंगी तैनात

उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने बताया कि इस साल छठ घाटों पर  चिकित्सा सुविधा को ध्यान में रखते हुए डॉक्टरों की 120 टीमें तैनात रहेंगी और उनकी सहायता के लिए लिए 211 पारा मेडिकल स्टाफ और 33 एम्बुलेंस को तैनात करने का निर्देश दिया गया है। पर्व के दौरान किसी तरह की अफवाह न फैले, इसलिए  सही जानकारी के लिए सूचना तंत्र को हाईटेक करते हुए मोबाइल एप जारी किया गया है। पूजन सामग्री से कचरा न फैले, इसके लिए स्थान तय किए गए हैं।

बांस घाट से गंगा नदी तक 2 किमी पहुंच पथ 

उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बांस घाट पर जहां से गंगा नदी मूल तट से 2 किलोमीटर दूर चली गई है, वहां पहुंच पथ को और बेहतर व सुगम बनाया जाए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 में एनडीए सरकार से पहले पटना के छठ घाटों की व्यवस्था मात्र 20 लाख रुपये के बजट का प्रावधान कर पटना नगर निगम के भरोसे छोड़ दी जाती थी।

ठेकेदारों को वर्षों तक भुगतान नहीं किया जाता था। स्वयंसेवी पूजा समितियों के सीमित साधन के भरोसे लोग छठ करते थे वहीं अब छठ पर्व को एनडीए सरकार ने ‘स्टेट-इवेंट’ बनाया है। निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री के साथ मेयर सीता साहु, विधायक नितिन नवीन, जिलाधिकारी संजय अग्रवाल, नगर निगम आयुक्त अभिषेक कुमार और बुडको के प्रबंध निदेशक अमरेंद्र कुमार भी मौजूद थे।

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