छठमय हुआ बिहार, जानें कब है खरना का अमृत कारक योग का मुहूर्त

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पूरा बिहार छठमय हो गया है। नहाय-खाय के साथ शुक्रवार को लोक आस्था के महापर्व की शुरुआत हो गई। शनिवार को खरना पूजन के साथ ही 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू हो जाएगा। रविवार को अस्ताचलगामी सूर्य और सोमवार को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर महापर्व की समाप्ति होगी। बाजारों में शुक्रवार को छठ सामग्री की खरीदारी के लिए भारी भीड़ रही। पुलिस मुख्यालय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि इस दौरान विधि व्यवस्था बनाए रखने और छठव्रतियों को कोई असुविधा न हो, इसके लिए अर्द्धसैनिक बलों और बिहार सशस्त्रत्त् बल की 36 कंपनियां के अलावा काफी संख्या में पुलिस बलों को जिलों में तैनात किया गया है। पुलिस छठ घाटों से लेकर आने-जाने वाले मार्गों पर तैनात रहेगी।

आचार्य माधवानंद (माधव जी) कहते हैं कि शनिवार को सूर्यास्त के बाद खरना कर सकते हैं। शनिवार सुबह 10.28 बजे कार्तिक शुक्ल पंचमी चढ़ रही है। उस दिन शाम 5. 25 बजे के बाद पटना में सूर्यास्त हो रहा है। इसके बाद खरना किया जा सकता है। शाम 5.38 बजे से शाम 7.15 बजे तक लाभ का चौघरिया होने के कारण खरना के लिए अमृत कारक योग बन रहा है। इस मुहूर्त में खरना लाभदायी होगा। इस बीच व्रती पूजन के बाद चांद को अर्घ्य देंगी। शुक्रवार को चार दिवसीय महापर्व के पहले दिन व्रतियों ने गंगा स्नान के बाद भगवान भास्कर को प्रणाम कर कद्दू-भात का प्रसाद खाया। छठ गीतों के बीच अहले सुबह से पटना के गंगा-घाटों पर व्रतियों की भीड़ उमड़ी। स्नान के बाद नहाय-खाय और खरना प्रसाद के लिए गंगा जल घर ले जाने के लिए पीतल के कलश व अन्य बर्तनों के साथ व्रतियों व श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।

व्रतियों ने सुखाया गेहूं

शुक्रवार को नहाय-खाय के दिन व्रतियों ने छठ के प्रसाद में उपयोग होने वाला गेहूं सुखाने का भी काम किया। घर के साथ गंगा घाटों पर श्रद्धालु गेहूं धोते व सुखाते नजर आए।

क्या कहती हैं महिला व्रती

छठ व्रती महिलाओं ने बताया कि सूर्यदेव की आराधना और संतान के सुखी जीवन की कामना के लिए छठ पर्व मनाया जाता है। नहाय-खाय के साथ व्रत शुरू हो गया है। पर्व को लेकर पवित्रता का खूब ख्याल रखा जा रहा है। मिट्टी के बने चूल्हे पर आम की लकड़ी जलाकर पीतल के बर्तन में अरवा चावल का भात, चना की दाल एवं कद्दू की सब्जी बनाई गई। सर्वप्रथम भगवान सूर्य को भोग लगाने के बाद प्रसाद के रूप में उसे ग्रहण किया गया। इसके बाद घर के सदस्य व पास-पड़ोस के लोगों को प्रसाद के रूप में दिया गया।


सीएम ने राज्य की प्रगति समृद्धि और शांति के लिए प्रार्थना

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने  लोक आस्था के चार दिवसीय महापर्व छठ के अवसर पर शुभकामनाएं दी है। उन्होंने कहा कि  यह आत्मानुशासन का पर्व है। लोग शुद्ध अन्तकरण एवं निर्मल मन से अस्ताचल और उदीयमान भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करते हैं। भगवान भास्कर से राज्य की प्रगति, सुख, समृद्धि और शांति के लिए प्रार्थना है।

 

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